आज का सवाल – शहर में तेज गति से वाहन दौड़ाने और शोर मचाने वाले साइलेंसर युक्त बाइक्स का चलन, किस तरह से आमजन के लिए खतरे का सबब है?
आम तौर पर शांतिपूर्ण माने जाने वाले जैसलमेर की सडक़ों पर निर्धारित गति से तेज गति से वाहन दौड़ाने और रह-रह कर धमाके करने व शोर मचाने वाले साइलेंसर युक्त बाइक्स पर किसी तरह की रोक नहीं होने से होने से हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। इससे आमजन बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं।
आमजन के लिए खतरा
शहर में तेज रफ्तार से दौड़ती बाइक्स अब आम लोगों के लिए खतरा बन चुकी हैं। खासकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में युवा स्टंट करते नजर आते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऊपर से तेज आवाज वाले साइलेंसर से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को काफी परेशानी होती है।
– भारतभूषण व्यास, स्थानीय निवासी
शांत वातावरण में खलल
सडक़ों पर तेज रफ्तार बाइक्स गुजरती हैं, जिससे हर कोई असहज महसूस करता है। शोर मचाने वाले साइलेंसर से माहौल खराब होता है और कई बार अचानक आवाज से लोग घबरा जाते हैं। यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि शहर की शांति भी भंग करता है।
– राजेन्द्र कुमार, स्थानीय निवासी
बच्चों के लिए खतरनाक
स्कूल के आसपास तेज रफ्तार बाइक्स और तेज आवाज वाले साइलेंसर बच्चों के लिए बेहद खतरनाक हैं। हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण से पढ़ाई का माहौल भी प्रभावित होता है। लाइब्रेरी में पढ़ते समय भी बाहर सडक़ पर वाहनों की अत्यधिक आवाज विचलित करती है।
– बिंजाराम, स्थानीय निवासी
स्वास्थ्य के लिए घातक
तेज आवाज वाले साइलेंसर और तेज गति से चलने वाली बाइक्स बुजुर्गों के लिए विशेष परेशानी का कारण बनती हैं। अचानक तेज आवाज से घबराहट होती है और दिल के मरीजों के लिए यह और भी खतरनाक है। शहर में ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करवाना चाहिए।
– दिनेश कुमार, स्थानीय निवासी
अगले सप्ताह का सवाल –
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