बलरामपुर जिले में चालू गन्ना पेराई सत्र ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। गन्ना विभाग और जनपद की चीनी मिलों के समन्वित प्रयासों से इस सत्र में 29 जनवरी तक कुल 167.70 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की गई है, जो पिछले सत्र की इसी अवधि से 22.88 लाख क्विंटल अधिक है। पिछले गन्ना पेराई सत्र में 29 जनवरी तक कुल 144.82 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई थी। इस वर्ष की 167.70 लाख क्विंटल की पेराई गत वर्ष की तुलना में 22.88 लाख क्विंटल की वृद्धि दर्शाती है। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने बताया कि प्रभावी निगरानी और कुशल संचालन के कारण तीनों प्रमुख चीनी मिलों ने उल्लेखनीय प्रगति की है। बलरामपुर चीनी मिल ने 10.94 लाख क्विंटल, तुलसीपुर चीनी मिल ने 7.86 लाख क्विंटल और इटईमैदा चीनी मिल ने 4.08 लाख क्विंटल अतिरिक्त गन्ने की पेराई की है। पेराई के साथ-साथ किसानों के भुगतान पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बलरामपुर चीनी मिल ने 20 जनवरी तक 328.00 करोड़ रुपये और तुलसीपुर चीनी मिल ने 16 जनवरी तक 152.11 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया है। दोनों मिलों में भुगतान प्रक्रिया नियमित रूप से जारी है। इटईमैदा चीनी मिल ने पिछले वर्ष का समस्त बकाया भुगतान पूरा कर लिया है और चालू पेराई सत्र में भी भुगतान शुरू कर दिया है। जिले में बढ़ी हुई पेराई क्षमता और समय पर भुगतान से गन्ना किसानों को लाभ मिल रहा है, जिससे कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।


