Sudden Cardiac Arrest: पंजाब में खेले जा रहे एक फुटबॉल टूर्नामेंट के दौरान 25 साल के युवा खिलाड़ी Ravinder Singh की अचानक मौत ने खेल जगत को झकझोर दिया। वह Namdhari FC के लिए खेलते थे। मैच के दौरान अचानक मैदान पर गिरने के बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस घटना ने एक बार फिर खिलाड़ियों की दिल से जुड़ी सेहत और अचानक होने वाले कार्डियक इवेंट्स पर चर्चा तेज कर दी है। नीचे स्वास्थ्य के नजरिए से समझते हैं कि ऐसे मामले क्यों होते हैं और किन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
खिलाड़ियों में अचानक गिरने की वजह क्या हो सकती है
डॉक्टरों के मुताबिक, खिलाड़ी आमतौर पर फिट और स्वस्थ होते हैं, लेकिन कुछ दुर्लभ दिल की बीमारियां बिना लक्षण के लंबे समय तक छिपी रह सकती हैं। जब खिलाड़ी बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत करते हैं, तब ये समस्याएं अचानक सामने आ सकती हैं। सबसे आम वजह सडन कार्डियक अरेस्ट मानी जाती है। इसमें दिल अचानक सही तरह से धड़कना बंद कर देता है और शरीर के बाकी हिस्सों तक खून पहुंचना रुक जाता है। ऐसे में व्यक्ति अचानक गिर सकता है और अगर तुरंत इलाज न मिले तो जान भी जा सकती है।
युवाओं में दिल से जुड़ी छिपी बीमारियां
विशेषज्ञ बताते हैं कि कुछ दिल की बीमारियां जन्म से होती हैं या धीरे-धीरे विकसित होती हैं, लेकिन लंबे समय तक पता नहीं चल पाता। इनमें हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी, इसमें दिल की मांसपेशियां असामान्य रूप से मोटी हो जाती हैं। जन्म से मौजूद दिल की संरचना से जुड़ी समस्याएं। दिल की धड़कन को नियंत्रित करने वाली इलेक्ट्रिकल गड़बड़ियां। वायरल इंफेक्शन के बाद होने वाली मायोकार्डाइटिस शामिल हो सकती हैं। ऐसी समस्याएं रोजमर्रा की जिंदगी में ज्यादा असर नहीं दिखातीं, लेकिन तेज खेल या भारी एक्सरसाइज के दौरान खतरनाक हो सकती हैं।
इन चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करें
कई बार शरीर पहले ही कुछ संकेत देता है, लेकिन खिलाड़ी या लोग उन्हें थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। अगर किसी को खेलते या एक्सरसाइज करते समय ये लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए:
- सीने में दर्द या दबाव महसूस होना
- सामान्य से ज्यादा सांस फूलना
- चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना
- दिल की धड़कन का तेज या अनियमित होना
- थोड़ी मेहनत में ही अत्यधिक थकान
- ये लक्षण दिल की समस्या का संकेत हो सकते हैं।
खिलाड़ियों के लिए नियमित हार्ट चेक-अप क्यों जरूरी
रविंदर सिंह जैसी घटनाओं के बाद विशेषज्ञ लगातार कह रहे हैं कि खिलाड़ियों के लिए रेगुलर हार्ट स्क्रीनिंग बहुत जरूरी है। इसमें आमतौर पर ECG (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम), इकोकार्डियोग्राफी, एक्सरसाइज या स्ट्रेस टेस्ट जांच शामिल होती हैं। इन जांचों से दिल की छिपी हुई समस्याओं का समय रहते पता चल सकता है और गंभीर हादसों से बचाव संभव है।
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
रविंदर सिंह की मौत से पूरा फुटबॉल समुदाय दुखी है। उनकी याद में Indian Football League से जुड़े कई मैचों में खिलाड़ियों ने मौन रखा। हालांकि यह एक दुखद घटना है, लेकिन इससे एक जरूरी संदेश भी सामने आया है, खिलाड़ियों की फिटनेस के साथ-साथ दिल की सेहत की जांच, सही रिकवरी और मैदान पर मेडिकल सुविधा भी उतनी ही जरूरी है।


