Nick Jonas Priyanka Chopra Daughter: एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस की फैमिली को भारतीय संस्कृति से गहरा लगाव है। विदेश में रहकर भी ये दोनों अपने देसी रिवाजों और परंपराओं को संजोए हुए हैं। बता दें, अब निक जोनस ने खुलकर अपने हालिया इंटरव्यू में बताया कि कैसे वे अपनी बेटी मालती मैरी चोपड़ा जोनस का पालन-पोषण हिंदू मूल्यों के अनुसार कर रहे हैं।
हिंदू धर्म ने उनकी आध्यात्मिक सोच पर निक का बयान
निक जोनस जो कि इन दिनों अपने नए एल्बम ‘संडे बेस्ट’ के प्रमोशन में बिजी हैं, लेकिन निक जोनस ने Zach Sang Show में अपने परिवार और संस्कृति के बारे में बेबाकी से बात की, जिसमें उन्होंने बताया कि बच्चा जब पहली बार दुनिया को महसूस करता है तो ये बेहद खास अनुभूति होती है। एक पिता होने के नाते उन्होंने कहा, “किसी छोटे बच्चे से धैर्य और प्रेम से पेश आना सबसे दिलचस्प अनुभव है।”
उन्होंने आगे शेयर किया कि उनका और प्रियंका का सपना हमेशा एक बड़ा परिवार बनाने का रहा है। भारत की अपनी पहली यात्रा को याद करते हुए निक ने कहा, “भारत में बिताया गया समय मेरे लिए जादुई था। मुझे प्रियंका के परिवार और दोस्तों के साथ जुड़ने और भारतीय संस्कृति को समझने का मौका मिला। Indian त्योहार और परंपराएं मेरी पसंदीदा बन गई हैं।” साथ ही, निक ने ये भी कहा कि हिंदू धर्म ने उनकी आध्यात्मिक सोच को बेहद प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, “मैंने हिंदू धर्म के बारे में बहुत कुछ सीखा है। ये बहुत गहरा और सुंदर धार्मिक दर्शन है, जिसमें कर्म का महत्व है और दूसरों के साथ वैसा व्यवहार करना सिखाता है जैसा हम चाहते हैं कि हमारे साथ किया जाए।”
पालन-पोषण हिंदू संस्कारों के साथ-साथ उनकी समझ में है अंतर
ये भी बताया कि उनकी बेटी मालती का पालन-पोषण हिंदू संस्कारों के साथ-साथ उनकी समझ के मुताबिक किया जा रहा है। उनका ये विश्वास और समझ उनके व्यक्तित्व का अहम हिस्सा बन गया है और सबसे मजेदार बात ये है कि निक के पिता एक पादरी हैं, फिर भी निक ने अपने अनुभवों से हिंदू धर्म में गहरी रुचि और लगाव पाया।
बता दें, प्रियंका और निक जोनस इस मिश्रित संस्कृति के संगम को खूबसूरती से अपनी बेटी के जीवन में उतार रहे हैं, जिससे उनकी फैमिली की पहचान दोनों संस्कृतियों का समृद्ध मिश्रण बन गई है। इस तरह, निक ने न केवल अपने अनुभव शेयर किए बल्कि भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म की सुंदरता को भी सलाम किया, जो आज के वैश्विक परिवेश में सांस्कृतिक के लिए प्रेरणादायक है।


