Success Story: कभी कमाते थे 35 हजार, आज डेढ़ करोड़ का टर्नओवर, बिहार के इस लाल ने कमाल कर दिया

Success Story: कभी कमाते थे 35 हजार, आज डेढ़ करोड़ का टर्नओवर, बिहार के इस लाल ने कमाल कर दिया

Bihar dairy entrepreneur success story: नौकरी से बिजनेस की तरफ मुड़ने वाले युवाओं की संख्या बढ़ रही है। बिहार के संतोष कुमार कभी 35 हजार रुपए की नौकरी करते थे और आज उनका डेढ़ करोड़ का टर्नओवर है। कुमार इंजीनियर हैं, लेकिन उन्होंने जो बिजनेस चुना वह उनकी फील्ड से बिल्कुल अलग है। शुरुआत में उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा, मगर उन्होंने अपना रास्ता नहीं बदला। संतोष ने यह तय कर लिया था कि उन्हें न केवल अपना बिजनेस खड़ा करना है, बल्कि गांव के किसानों को रोजगार भी प्रदान करना है और आज वह दोनों ही मोर्चों पर सफल हैं।

बीटेक के बाद की नौकरी, मन नहीं लगा

संतोष कुमार ने बीटेक की पढ़ाई करने के बाद नौकरी की। वह गुजरात की कंपनी एबीजी शिपयार्ड से जुड़े। सब कुछ अच्छा चल रहा था। नौकरी पक्की थी और तरक्की की संभावना भी मौजूद थी। हालांकि, संतोष जो मानसिक शांति चाहते थे, उसका कहीं न कहीं अभाव था। करीब डेढ़ साल की नौकरी के बाद संतोष ने अपने गांव वापस लौटने का फैसला लिया। यह सभी के लिए चौंकाने वाला फैसला था, क्योंकि जमी हुई नौकरी छोड़कर बिजनेस शुरू करने का मतलब था जोखिम। संतोष को खुद पर विश्वास था, वह मन ही मन तय कर चुके थे कि चाहे कुछ भी हो जाए बिजनेस में सफल होकर रहेंगे।

पटना लौटे और बदल डाली दुनिया

सूरत से पटना वापस लौटने के बाद संतोष कुमार अपना डेयरी फार्म शुरू करने में जुट गए। उन्होंने नफे-नुकसान की हर संभावना पर गौर किया। 2018-19 में उन्होंने 7 गायों के साथ डेयरी फार्म शुरू किया। कारोबार बढ़ाने के लिए गायों की संख्या बढ़ाने की जरूरत थी और इसके लिए चाहिए थे ढेर सारे पैसे। 2022 में उन्हें बिहार सरकार की योजना ‘बिहार स्टार्टअप’ के बारे में पता चला। इस योजना की मदद से उन्होंने 10 लाख का लोन लिया। धीरे-धीरे संतोष के डेयरी फार्म में गायों की संख्या बढ़ती गई और आज उनके पास 125 से ज्यादा गाय हैं। संतोष के डेयरी बिजनेस का सालाना टर्नओवर डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक है।

संतोष के पास आज 125 गाय

संतोष कुमार के पास अलग-अलग नस्ल की 125 गाय हैं और उनसे प्रतिदिन 300 लीटर दूध मिलता है। इसके अलावा, करीब 60 किसान भी उनसे जुड़े हुए हैं। संतोष का कहना है कि उनका उद्देश्य गांव वासियों को शुद्ध दूध और डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराना है। साथ ही किसानों के लिए रोजगार के नए अवसर खोलना है। संतोष के अनुसार, गांव में रहकर भी लाखों रुपए कमाए जा सकते हैं। गांव में जमीन की कोई कमी नहीं होती। सही रणनीति और विश्वास के साथ सफलता हासिल की जा सकती है। संतोष का लक्ष्य अपने टर्नओवर को 600 करोड़ तक ले जाना है। वह बिहार के कई दूसरे जिलों में भी अपनी पहुंच बनाने में लगे हैं।

इस बात का रखते हैं खास ख्याल

संतोष कुमार मानते हैं कि डेयरी बिजनेस में यदि सफल होना है तो क्वालिटी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके अलावा, गायों की देखभाल सबसे महत्वपूर्ण है। गाय को जैसा खाना मिलेगा, दूध वैसा ही आएगा। गायों का हरा चारा संतोष के खेत में ही उगता है। वह इसका पूरा ख्याल रखते हैं कि गायों को समय पर और अच्छा खाना मिले। वह गाय के चारे में कुल 17 किस्म की चीजें मिलाते हैं, जिसमें सरसों की खली, बिनौला, सोयाबीन, मक्का, गेहूं और मिनरल मिक्सर आदि शामिल हैं।

मेहनत, जुनून से सब कुछ मुमकिन

बिहार के संतोष कुमार की कहानी बताती है कि कड़ी मेहनत और जुनून से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। फिर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप क्या हैं और क्या करना चाहते हैं। संतोष पेशे से इंजीनियर हैं और डेयरी फार्म उनके लिए एकदम अलग फील्ड थी, लेकिन उन्होंने मन बनाया, तैयारी की और मैदान फतह करने निकल दिए। आज संतोष युवाओं के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। संतोष के लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, वह काऊ-टू-कंज्यूमर डेयरी स्टार्ट-अप Deshimoo के फाउंडर हैं। यह स्टार्टअप ग्रामीण माइक्रो-डेयरी एंटरप्रेन्योर्स को शहरी कंज्यूमर्स से जोड़ता है।

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