किशनगंज के छत्तरगाछ में निर्माणाधीन 30 बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। स्थानीय विधायक मो. कमरुल होदा ने स्वयं स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य को तत्काल रुकवा दिया है। उन्होंने शुक्रवार शाम को जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। यह भवन लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। इसका निर्माण बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (BMSICL) के तहत हो रहा है। योजना के प्राक्कलन के अनुसार, भवन निर्माण में 100ए गुणवत्ता की ईंटों और बिहार के बांका जिले से लाए जाने वाले उच्च गुणवत्ता वाले लाल बालू का उपयोग होना था, जिसके लिए करीब 59 लाख रुपये निर्धारित किए गए थे। इसके अतिरिक्त, झारखंड के पाकुड़ से गिट्टी-पत्थर लाकर निर्माण कार्य किया जाना था। स्थानीय सफेद बालू का इस्तेमाल हो रहा निर्माण कार्य का जिम्मा सारण के सोनपुर थाना क्षेत्र निवासी ठेकेदार सुबोध कुमार सिंह को दिया गया है। विधायक ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर तय मानकों के विपरीत निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। लाल बालू की जगह स्थानीय सफेद बालू का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि पलस्तर, फर्श बिछाने और छत ढलाई जैसे कार्यों में भी घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। लोहा, इस्पात, जलापूर्ति व्यवस्था और विद्युत संयोजन कार्यों में भी मानकों की अनदेखी की जा रही है। जिलाधिकारी को शुक्रवार शाम को एक लिखित शिकायत भी सौंपी स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर विधायक मो. कमरुल होदा ने 18 मार्च, 2024 को निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं सही पाई गईं, जिसके बाद उन्होंने तत्काल कार्य रुकवा दिया। विधायक ने इस संबंध में जिलाधिकारी को शुक्रवार शाम को एक लिखित शिकायत भी सौंपी है। इस मामले पर जिलाधिकारी विशाल राज ने बताया कि सूचना मिलने के बाद एक जांच दल का गठन कर दिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच दल द्वारा स्थलीय जांच के बाद यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधायक ने सरकार से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर गुणवत्तापूर्ण भवन निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है। किशनगंज के छत्तरगाछ में निर्माणाधीन 30 बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। स्थानीय विधायक मो. कमरुल होदा ने स्वयं स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य को तत्काल रुकवा दिया है। उन्होंने शुक्रवार शाम को जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। यह भवन लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। इसका निर्माण बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (BMSICL) के तहत हो रहा है। योजना के प्राक्कलन के अनुसार, भवन निर्माण में 100ए गुणवत्ता की ईंटों और बिहार के बांका जिले से लाए जाने वाले उच्च गुणवत्ता वाले लाल बालू का उपयोग होना था, जिसके लिए करीब 59 लाख रुपये निर्धारित किए गए थे। इसके अतिरिक्त, झारखंड के पाकुड़ से गिट्टी-पत्थर लाकर निर्माण कार्य किया जाना था। स्थानीय सफेद बालू का इस्तेमाल हो रहा निर्माण कार्य का जिम्मा सारण के सोनपुर थाना क्षेत्र निवासी ठेकेदार सुबोध कुमार सिंह को दिया गया है। विधायक ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर तय मानकों के विपरीत निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। लाल बालू की जगह स्थानीय सफेद बालू का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि पलस्तर, फर्श बिछाने और छत ढलाई जैसे कार्यों में भी घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। लोहा, इस्पात, जलापूर्ति व्यवस्था और विद्युत संयोजन कार्यों में भी मानकों की अनदेखी की जा रही है। जिलाधिकारी को शुक्रवार शाम को एक लिखित शिकायत भी सौंपी स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर विधायक मो. कमरुल होदा ने 18 मार्च, 2024 को निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं सही पाई गईं, जिसके बाद उन्होंने तत्काल कार्य रुकवा दिया। विधायक ने इस संबंध में जिलाधिकारी को शुक्रवार शाम को एक लिखित शिकायत भी सौंपी है। इस मामले पर जिलाधिकारी विशाल राज ने बताया कि सूचना मिलने के बाद एक जांच दल का गठन कर दिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच दल द्वारा स्थलीय जांच के बाद यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधायक ने सरकार से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर गुणवत्तापूर्ण भवन निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है।


