किताब के साथ स्कूल पहुंचेंगे छात्र, 5.96 लाख की मांग, 4.47 लाख आई

किताब के साथ स्कूल पहुंचेंगे छात्र, 5.96 लाख की मांग, 4.47 लाख आई

सिटी रिपोर्टर| दरभंगा| नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ ही इस बार सरकारी विद्यालयों के छात्रों को किताबों के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। शिक्षा विभाग ने पहले ही सभी कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकें विद्यालयों तक पहुंचा दी हैं, ताकि सत्र आरंभ होते ही छात्रों के हाथों में किताबें उपलब्ध हो सके। विभाग ने 5,96,766 पुस्तकों की मांग की थी। जिसमें से 44,7,631 पुस्तकें आ गई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार कक्षा एक के छात्रों के लिए 44,268 पुस्तकें, कक्षा दो के लिए 50,747, कक्षा तीन के लिए 58,141, कक्षा चार के लिए 60,812, कक्षा पांच के लिए 63,886, कक्षा छह के लिए 57,833, कक्षा सात के लिए 56,224 तथा कक्षा आठ के लिए 55,720 पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। विभाग का कहना है कि अप्रैल से शुरू हो रहे शैक्षणिक सत्र के पहले दिन से ही बच्चों को सभी आवश्यक पाठ्यपुस्तकें मिल जाएं, ताकि पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू हो सके। इसके लिए वितरण प्रक्रिया को पहले से ही व्यवस्थित कर लिया गया है। विद्यालयों को आवश्यक निर्देश भी दे दिए गए हैं। साथ ही विभाग का कहना है कि बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई तो नामांकित छात्रों की सूची के आधार पर और किताब मंगा ली जाएगी। विभाग का यह भी कहना है कि बच्चों को समय से किताब मिलने से छात्रों के स्कूल छोड़ने की संख्या में कमी आएगी। अभी छात्रों का स्कूल में परीक्षा चल रहा है। सिटी रिपोर्टर| दरभंगा| नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ ही इस बार सरकारी विद्यालयों के छात्रों को किताबों के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। शिक्षा विभाग ने पहले ही सभी कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकें विद्यालयों तक पहुंचा दी हैं, ताकि सत्र आरंभ होते ही छात्रों के हाथों में किताबें उपलब्ध हो सके। विभाग ने 5,96,766 पुस्तकों की मांग की थी। जिसमें से 44,7,631 पुस्तकें आ गई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार कक्षा एक के छात्रों के लिए 44,268 पुस्तकें, कक्षा दो के लिए 50,747, कक्षा तीन के लिए 58,141, कक्षा चार के लिए 60,812, कक्षा पांच के लिए 63,886, कक्षा छह के लिए 57,833, कक्षा सात के लिए 56,224 तथा कक्षा आठ के लिए 55,720 पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। विभाग का कहना है कि अप्रैल से शुरू हो रहे शैक्षणिक सत्र के पहले दिन से ही बच्चों को सभी आवश्यक पाठ्यपुस्तकें मिल जाएं, ताकि पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू हो सके। इसके लिए वितरण प्रक्रिया को पहले से ही व्यवस्थित कर लिया गया है। विद्यालयों को आवश्यक निर्देश भी दे दिए गए हैं। साथ ही विभाग का कहना है कि बच्चों की संख्या में वृद्धि हुई तो नामांकित छात्रों की सूची के आधार पर और किताब मंगा ली जाएगी। विभाग का यह भी कहना है कि बच्चों को समय से किताब मिलने से छात्रों के स्कूल छोड़ने की संख्या में कमी आएगी। अभी छात्रों का स्कूल में परीक्षा चल रहा है।  

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