भागलपुर में नौवीं कक्षा में नामांकन नहीं मिलने से नाराज छात्रों और अभिभावकों ने आज विरोध जताया। इंटर स्तरीय तुलसीपुर जमुनिया विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राएं अपनी शिकायत लेकर जिलाधिकारी के जनता दरबार में पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। छात्रों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर नामांकन सुनिश्चित कराने की मांग की। छात्रा प्रीति ने बताया कि इसी स्कूल से उसने आठवीं कक्षा पास की है, इसके बावजूद उन्हें नौवीं कक्षा में नामांकन नहीं दिया जा रहा है। इससे उनके भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। विद्यालय प्रशासन की ओर से उन्हें अन्य स्कूलों में नामांकन लेने की सलाह दी जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक और शैक्षणिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय के प्रभारी हेड मास्टर का कहना है कि उन्हें मात्र 76 छात्रों की नामांकन की लिस्ट मिली हुई है, जिसके आधार पर ही प्रवेश लिया जा रहा है। इस सूची में स्थानीय और बाहरी दोनों क्षेत्रों के छात्रों के नाम शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय निर्देशों के अनुरूप ही नामांकन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। स्कूल प्रशासन पर मनमानी का आरोप दूसरी ओर, अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नियमानुसार स्थानीय गांव के बच्चों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं नामांकन से वंचित हो रहे हैं। अभिभावकों ने इस व्यवस्था को अनुचित बताते हुए प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें इसी विद्यालय में नामांकन नहीं मिला, तो उन्हें दूरदराज के विद्यालयों में पढ़ाई के लिए जाना पड़ेगा। इससे उनकी शिक्षा प्रभावित होगी और कई छात्र आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं। अभिभावक बोले – हेड मास्टर दूर के स्कूल में नामांकन के लिए भेज रहे हैं छात्रा सोनी प्रिय ने जिलाधिकारी से न्याय की अपील करते हुए कहा, “हम अपने नामांकन के लिए डीएम साहब के पास आए हैं। स्कूल में एडमिशन के लिए गए तो हेड मास्टर ने दूसरे स्कूल में जाने को कहा। मेरे माता-पिता मजदूरी करते हैं और दूर के विद्यालय में पढ़ाई का खर्च उठाना हमारे लिए संभव नहीं है। मेरे साथ करीब ढाई सौ छात्रों का नामांकन नहीं हुआ है, इसलिए हम सभी आवेदन देने आए हैं।” वहीं, अभिभावक सज्जन भारद्वाज ने बताया कि आठवीं कक्षा पास करने के बाद छात्रों को नौवीं में नामांकन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “मॉडल व्यवस्था के कारण केवल 76 छात्रों की सूची आई है, जिसके आधार पर नामांकन लिया जा रहा है। इस सूची में बाहरी छात्रों के नाम भी शामिल हैं, जबकि स्थानीय बच्चों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इस मामले में विद्यालय प्रशासन मनमानी कर रहा है, जिससे बच्चे अपने भविष्य को लेकर भटक रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक जिलाधिकारी से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं, ताकि समय पर नामांकन शुरू हो सके और बच्चे निर्धारित समय पर अपना पाठ्यक्रम पूरा कर सकें। इधर, जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने आवेदन लेकर बच्चों को जल्द नामांकन करवाने का आश्वासन दिया है। भागलपुर में नौवीं कक्षा में नामांकन नहीं मिलने से नाराज छात्रों और अभिभावकों ने आज विरोध जताया। इंटर स्तरीय तुलसीपुर जमुनिया विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राएं अपनी शिकायत लेकर जिलाधिकारी के जनता दरबार में पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। छात्रों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर नामांकन सुनिश्चित कराने की मांग की। छात्रा प्रीति ने बताया कि इसी स्कूल से उसने आठवीं कक्षा पास की है, इसके बावजूद उन्हें नौवीं कक्षा में नामांकन नहीं दिया जा रहा है। इससे उनके भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। विद्यालय प्रशासन की ओर से उन्हें अन्य स्कूलों में नामांकन लेने की सलाह दी जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक और शैक्षणिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय के प्रभारी हेड मास्टर का कहना है कि उन्हें मात्र 76 छात्रों की नामांकन की लिस्ट मिली हुई है, जिसके आधार पर ही प्रवेश लिया जा रहा है। इस सूची में स्थानीय और बाहरी दोनों क्षेत्रों के छात्रों के नाम शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय निर्देशों के अनुरूप ही नामांकन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। स्कूल प्रशासन पर मनमानी का आरोप दूसरी ओर, अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नियमानुसार स्थानीय गांव के बच्चों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं नामांकन से वंचित हो रहे हैं। अभिभावकों ने इस व्यवस्था को अनुचित बताते हुए प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें इसी विद्यालय में नामांकन नहीं मिला, तो उन्हें दूरदराज के विद्यालयों में पढ़ाई के लिए जाना पड़ेगा। इससे उनकी शिक्षा प्रभावित होगी और कई छात्र आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं। अभिभावक बोले – हेड मास्टर दूर के स्कूल में नामांकन के लिए भेज रहे हैं छात्रा सोनी प्रिय ने जिलाधिकारी से न्याय की अपील करते हुए कहा, “हम अपने नामांकन के लिए डीएम साहब के पास आए हैं। स्कूल में एडमिशन के लिए गए तो हेड मास्टर ने दूसरे स्कूल में जाने को कहा। मेरे माता-पिता मजदूरी करते हैं और दूर के विद्यालय में पढ़ाई का खर्च उठाना हमारे लिए संभव नहीं है। मेरे साथ करीब ढाई सौ छात्रों का नामांकन नहीं हुआ है, इसलिए हम सभी आवेदन देने आए हैं।” वहीं, अभिभावक सज्जन भारद्वाज ने बताया कि आठवीं कक्षा पास करने के बाद छात्रों को नौवीं में नामांकन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “मॉडल व्यवस्था के कारण केवल 76 छात्रों की सूची आई है, जिसके आधार पर नामांकन लिया जा रहा है। इस सूची में बाहरी छात्रों के नाम भी शामिल हैं, जबकि स्थानीय बच्चों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इस मामले में विद्यालय प्रशासन मनमानी कर रहा है, जिससे बच्चे अपने भविष्य को लेकर भटक रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक जिलाधिकारी से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं, ताकि समय पर नामांकन शुरू हो सके और बच्चे निर्धारित समय पर अपना पाठ्यक्रम पूरा कर सकें। इधर, जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने आवेदन लेकर बच्चों को जल्द नामांकन करवाने का आश्वासन दिया है।


