एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ के एमिटी स्कूल ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने ग्रेजुएशन डिजाइन कलेक्शन (जीडीसी)-2026 में अपने डिजाइन प्रस्तुत किए। इस फैशन शो में छात्रों ने अपने अनोखे कॉन्सेप्ट और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया, जो उनके चार साल की मेहनत और हुनर को दर्शाता है। इस फैशन शो-कम-डिजाइन प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य उभरते डिजाइनरों की रचनात्मकता और तकनीकी कौशल का मूल्यांकन करना था। अंतिम सेमेस्टर के छात्रों ने अपनी-अपनी थीम पर आधारित 4-5 परिधानों के एन्सेम्बल तैयार किए। इन परिधानों में आधुनिक ट्रेंड के साथ भारतीयता की झलक भी दिखाई दी, जिसमें गहन शोध, मूड बोर्ड, कलर स्टडी, फैब्रिक चयन और स्टाइलिंग का प्रभाव स्पष्ट था। छात्रों को कॉपीराइट के बारे में बताया कार्यक्रम का शुभारंभ डिप्टी प्रो-वाइस चांसलर विंग कमांडर डॉ. अनिल कुमार तिवारी और एएसएफटी की निदेशिका डॉ. पूजा वर्मा ने किया। इस अवसर पर प्रति कुलपति डॉ. अनिल वशिष्ठ भी उपस्थित रहे। छात्रों के अभिभावकों को भी विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। डॉ. पूजा वर्मा ने बताया कि जीडीसी छात्रों को अपनी रचनात्मक सोच को मंच पर उतारने का अवसर प्रदान करता है। वहीं, डॉ. अनिल कुमार तिवारी ने छात्रों को कॉपीराइट के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि एक कलाकार की पहचान उसकी मौलिकता से होती है। फिनिशिंग के आधार पर मूल्यांकन किया निर्णायक मंडल में फैशन डिजाइनर हीना अरजू, तुषार अवस्थी और पूर्व छात्रा इशिता अग्रवाल शामिल थीं। उन्होंने कलेक्शन के कॉन्सेप्ट, क्रिएटिविटी और फिनिशिंग के आधार पर मूल्यांकन किया।डिजिटल लाइट और संगीत के बीच जब डिजाइनर परिधान रैंप पर उतरे, तो दर्शकों ने उन्हें सराहा। इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि मॉडलिंग भी यूनिवर्सिटी के छात्रों ने ही की। विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सान्या चौरसिया को ‘लोकल टू ग्लोबल अपील’, कृतिका जायसवाल को ‘बेस्ट कंस्ट्रक्शन’ और यशोधरा चक्रवर्ती को ‘मोस्ट इनोवेटिव कलेक्शन’ अवॉर्ड मिला। इसके अतिरिक्त, गीतांजलि गुप्ता को ‘बेस्ट कलेक्शन-2026’, बुशरा कमर को ‘बेस्ट ऑर्नामेंटेशन’ और पारुल मोदनवाल को ‘बेस्ट रेडी-टू-वियर’ का खिताब दिया गया।


