दरभंगा में हॉस्टल में छात्र के मच्छरदानी में लगी आग:पिता बोले- समय रहते बेटे के नींद खुली; नवोदय स्कूल मैनेजमेंट ने जांच के दिए आदेश

दरभंगा में हॉस्टल में छात्र के मच्छरदानी में लगी आग:पिता बोले- समय रहते बेटे के नींद खुली; नवोदय स्कूल मैनेजमेंट ने जांच के दिए आदेश

दरभंगा के केवटी प्रखंड में मौजूद पीएम श्री जवाहर नवोदय स्कूल के हॉस्टल में सोमवार की देर रात एक छात्र को जिंदा जलाने की कोशिश का मामला सामने आया है। हालांकि, समय रहते छात्र की नींद खुल गई, जिससे उसकी जान बच गई। घटना रैयाम थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, 30 मार्च की रात नवोदय स्कूल के नीलगिरी छात्रावास में 8वीं का छात्र प्रत्यूष राज सो रहा था। प्रत्यूष के मुताबिक, देर रात करीब 1 बजकर 30 मिनट पर उसके शरीर पर गर्माहट महसूस हुई। उसकी नींद खुली तो देखा कि बेड के उपर लगा मच्छरदानी चारों ओर से जल रहा है। प्रत्यूष ने तत्काल आग से खुद को बचाया, शोर मचाकर साथ सो रहे हॉस्टल के अन्य 15 छात्रों को उठाया। इसके बाद अन्य छात्रों ने बाल्टी, मग से आग पर काबू पाया। आग बूझने के बाद प्रत्यूष के बेड के नीचे से प्लास्टिक का जला टुकड़ा और माचिस की तीली बरामद हुई है। आशंका जताई जा रही है कि किसी ने जानबूझकर आग लगा। हालांकि, आग किसने लगा, क्यों लगाई, इसके पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। आग लगने के दौरान अंदर से बंद था दरवाजा बताया जाता है कि रात करीब 10:20 बजे सभी छात्र सोने चले गए थे, जिसके बाद देर रात ये घटना हुई। जिस कमरे में आग लगी, उसमें प्रत्यूष का छोटा भाई आयुष राज भी सो रहा था। घटना के बाद दोनों भाई काफी सहमे हुए हैं। घटना के समय गेट अंदर से ही बंद था। घटना की सूचना मिलते ही छात्र के पिता अनिल कुमार, जो घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के घनश्यामपुर निवासी और पेशे से सरकारी शिक्षक हैं, विद्यालय पहुंचे और अपने बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि दोनों बेटे सुरक्षित हैं। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो बड़ी घटना हो सकती थी। छात्रों के पिता ने स्कूल मैनेजमेंट पर लापरवाही का आरोप लगाया छात्रों के पिता ने स्कूल मैनेजमेंट पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि नवोदय स्कूल में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। छात्रों के पिता अनिल कुमार घटना के बाद अपने दोनों बच्चों को घर ले गए। फिलहाल विद्यालय प्रशासन मामले की जांच में जुटी है। वहीं, छात्र प्रत्यूष राज ने बताया कि मैं रात को सो रहा था, तभी किसी ने मेरी मच्छरदानी में आग लगा दी। आग का जलता हुआ हिस्सा मेरे हाथ पर गिरा, जिससे तेज गर्मी महसूस हुई और मेरी नींद खुल गई। जैसे ही आंख खुली, मैंने देखा कि आग लगी हुई है, तब मैं तुरंत वहां से हट गया। छात्र ने बताया कि मेरे पास में सो रहे दूसरे बच्चे की मच्छरदानी में भी आग लग सकती थी। मैंने तुरंत उसे उठाया और जोर-जोर से चिल्लाया, जिसके बाद सभी बच्चे जाग गए। फिर हम लोगों ने बाल्टी और मग से पानी लाकर आग बुझाई। प्रत्यूष ने बताया कि मेरे बिछावन के पास एक प्लास्टिक और माचिस की तिल्ली पड़ी हुई थी। मेरा किसी से कोई झगड़ा या विवाद नहीं हुआ है, इसलिए मुझे किसी पर शक नहीं है। घटना के समय कमरे में कुल 17 बच्चे मौजूद थे। प्रत्यूष ने बताया कि अगर समय रहते उसकी नींद नहीं खुलती, तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। दो साल से नवोदय स्कूल में पढ़ाई कर रहा प्रत्यूष प्रत्यूष ने कहा कि मैं दो साल से यहां पढ़ाई कर रहा हूं, लेकिन आज तक ऐसी घटना नहीं हुई थी। अब मुझे डर लग रहा है। रात में बच्चों ने इस घटना की जानकारी बाहर किसी को नहीं दी और सुबह गेट खुलने पर गार्ड को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद विद्यालय प्रशासन हरकत में आया और प्रिंसिपल सुबह बच्चों से मिलने पहुंचे। छात्र के पिता अनिल कुमार ने बताया कि उनके दो बेटे इसी विद्यालय में पढ़ते हैं और दोनों ही आठवीं कक्षा के छात्र हैं। उन्होंने कहा कि मेरा बड़ा बेटा प्रत्यूष राज (14 वर्ष) है। पिता के अनुसार, बच्चे के बाएं हाथ, गर्दन और टी-शर्ट पर जलने के निशान हैं। सुबह जब मुझे हाउस मास्टर ने सूचना दी, तो मैं तुरंत यहां पहुंचा और सबसे पहले अपने बच्चे को देखा। फिलहाल वह ठीक है। उन्होंने बताया कि बच्चे को पहले विद्यालय की नर्स की ओर से प्राथमिक उपचार दिया गया, फिर सीएचसी केवटी में इलाज कराया गया। 24 मार्च को बाथरूम के फ्लस में भी लगी थी आग अनिल कुमार के मुताबिक, 24 मार्च को बेटे के बाथरूम के फल्स में आग लगी थी, जिसकी जानकारी मुझे दी गई थी और 31 मार्च को बैठक तय थी। लेकिन उससे पहले ही 30 मार्च की रात ये घटना हो गई। अब दोनों बच्चे डरे हुए हैं और सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिकायत के बाद प्रिंसिपल डॉ. चंद्रसेन ने आश्वासन दिया है कि दोषी को खोजा जा रहा है और आगे ऐसी घटना न हो, इसके लिए व्यवस्था की जाएगी। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन से भी हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं, प्रिंसिपल ने बताया कि एक बच्चे की मच्छरदानी और थोड़ा बेड जला हुआ मिला है। राहत की बात है कि बच्चे को कोई गंभीर जख्म नही है। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि किसी बच्चे ने माचिस की तीली फेंकी, जिससे आग लगी। स्थिति को देखकर लगता है कि यह जानबूझकर किया गया कृत्य है। जांच के लिए बनाई गई कमेटी ने 10 से 12 बच्चों को किया चिन्हित प्रिंसिपल ने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। कमेटी ने 10 से 12 बच्चों को चिन्हित किया है। इन सभी बच्चों को उनके अभिभावकों के साथ तत्काल घर भेज दिया गया है, ताकि उनके व्यवहार और संस्कार में सुधार हो सके। यह कदम इसलिए भी उठाया गया है ताकि बाकी छात्रों को सख्त संदेश मिले कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्राचार्य ने बताया कि पूरे दिन बैठकों का दौर चला और बच्चों की अलग-अलग काउंसलिंग की गई। हमने स्टाफ, हाउस मास्टर और अभिभावकों के साथ भी बैठक की है। सभी से सुझाव लिए गए हैं, जिन्हें लागू किया जाएगा। प्राचार्य ने बताया कि हालिया तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक चीजें मिलीं थी। कमरे की तलाशी में 3-4 मोबाइल फोन और माचिस की तीलियां बरामद हुई हैं, जबकि छात्रों को मोबाइल रखने की अनुमति नहीं है। इससे साफ है कि आग माचिस से ही लगाई गई। प्राचार्य ने कहा कि इस पूरे मामले की रिपोर्ट क्षेत्रीय कार्यालय और दरभंगा के जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि ये गंभीर घटना है। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मैं खुद भी चिंतित हूं कि इस तरह की घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं। दरभंगा के केवटी प्रखंड में मौजूद पीएम श्री जवाहर नवोदय स्कूल के हॉस्टल में सोमवार की देर रात एक छात्र को जिंदा जलाने की कोशिश का मामला सामने आया है। हालांकि, समय रहते छात्र की नींद खुल गई, जिससे उसकी जान बच गई। घटना रैयाम थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, 30 मार्च की रात नवोदय स्कूल के नीलगिरी छात्रावास में 8वीं का छात्र प्रत्यूष राज सो रहा था। प्रत्यूष के मुताबिक, देर रात करीब 1 बजकर 30 मिनट पर उसके शरीर पर गर्माहट महसूस हुई। उसकी नींद खुली तो देखा कि बेड के उपर लगा मच्छरदानी चारों ओर से जल रहा है। प्रत्यूष ने तत्काल आग से खुद को बचाया, शोर मचाकर साथ सो रहे हॉस्टल के अन्य 15 छात्रों को उठाया। इसके बाद अन्य छात्रों ने बाल्टी, मग से आग पर काबू पाया। आग बूझने के बाद प्रत्यूष के बेड के नीचे से प्लास्टिक का जला टुकड़ा और माचिस की तीली बरामद हुई है। आशंका जताई जा रही है कि किसी ने जानबूझकर आग लगा। हालांकि, आग किसने लगा, क्यों लगाई, इसके पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। आग लगने के दौरान अंदर से बंद था दरवाजा बताया जाता है कि रात करीब 10:20 बजे सभी छात्र सोने चले गए थे, जिसके बाद देर रात ये घटना हुई। जिस कमरे में आग लगी, उसमें प्रत्यूष का छोटा भाई आयुष राज भी सो रहा था। घटना के बाद दोनों भाई काफी सहमे हुए हैं। घटना के समय गेट अंदर से ही बंद था। घटना की सूचना मिलते ही छात्र के पिता अनिल कुमार, जो घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के घनश्यामपुर निवासी और पेशे से सरकारी शिक्षक हैं, विद्यालय पहुंचे और अपने बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि दोनों बेटे सुरक्षित हैं। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो बड़ी घटना हो सकती थी। छात्रों के पिता ने स्कूल मैनेजमेंट पर लापरवाही का आरोप लगाया छात्रों के पिता ने स्कूल मैनेजमेंट पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि नवोदय स्कूल में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। छात्रों के पिता अनिल कुमार घटना के बाद अपने दोनों बच्चों को घर ले गए। फिलहाल विद्यालय प्रशासन मामले की जांच में जुटी है। वहीं, छात्र प्रत्यूष राज ने बताया कि मैं रात को सो रहा था, तभी किसी ने मेरी मच्छरदानी में आग लगा दी। आग का जलता हुआ हिस्सा मेरे हाथ पर गिरा, जिससे तेज गर्मी महसूस हुई और मेरी नींद खुल गई। जैसे ही आंख खुली, मैंने देखा कि आग लगी हुई है, तब मैं तुरंत वहां से हट गया। छात्र ने बताया कि मेरे पास में सो रहे दूसरे बच्चे की मच्छरदानी में भी आग लग सकती थी। मैंने तुरंत उसे उठाया और जोर-जोर से चिल्लाया, जिसके बाद सभी बच्चे जाग गए। फिर हम लोगों ने बाल्टी और मग से पानी लाकर आग बुझाई। प्रत्यूष ने बताया कि मेरे बिछावन के पास एक प्लास्टिक और माचिस की तिल्ली पड़ी हुई थी। मेरा किसी से कोई झगड़ा या विवाद नहीं हुआ है, इसलिए मुझे किसी पर शक नहीं है। घटना के समय कमरे में कुल 17 बच्चे मौजूद थे। प्रत्यूष ने बताया कि अगर समय रहते उसकी नींद नहीं खुलती, तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। दो साल से नवोदय स्कूल में पढ़ाई कर रहा प्रत्यूष प्रत्यूष ने कहा कि मैं दो साल से यहां पढ़ाई कर रहा हूं, लेकिन आज तक ऐसी घटना नहीं हुई थी। अब मुझे डर लग रहा है। रात में बच्चों ने इस घटना की जानकारी बाहर किसी को नहीं दी और सुबह गेट खुलने पर गार्ड को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद विद्यालय प्रशासन हरकत में आया और प्रिंसिपल सुबह बच्चों से मिलने पहुंचे। छात्र के पिता अनिल कुमार ने बताया कि उनके दो बेटे इसी विद्यालय में पढ़ते हैं और दोनों ही आठवीं कक्षा के छात्र हैं। उन्होंने कहा कि मेरा बड़ा बेटा प्रत्यूष राज (14 वर्ष) है। पिता के अनुसार, बच्चे के बाएं हाथ, गर्दन और टी-शर्ट पर जलने के निशान हैं। सुबह जब मुझे हाउस मास्टर ने सूचना दी, तो मैं तुरंत यहां पहुंचा और सबसे पहले अपने बच्चे को देखा। फिलहाल वह ठीक है। उन्होंने बताया कि बच्चे को पहले विद्यालय की नर्स की ओर से प्राथमिक उपचार दिया गया, फिर सीएचसी केवटी में इलाज कराया गया। 24 मार्च को बाथरूम के फ्लस में भी लगी थी आग अनिल कुमार के मुताबिक, 24 मार्च को बेटे के बाथरूम के फल्स में आग लगी थी, जिसकी जानकारी मुझे दी गई थी और 31 मार्च को बैठक तय थी। लेकिन उससे पहले ही 30 मार्च की रात ये घटना हो गई। अब दोनों बच्चे डरे हुए हैं और सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिकायत के बाद प्रिंसिपल डॉ. चंद्रसेन ने आश्वासन दिया है कि दोषी को खोजा जा रहा है और आगे ऐसी घटना न हो, इसके लिए व्यवस्था की जाएगी। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन से भी हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं, प्रिंसिपल ने बताया कि एक बच्चे की मच्छरदानी और थोड़ा बेड जला हुआ मिला है। राहत की बात है कि बच्चे को कोई गंभीर जख्म नही है। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि किसी बच्चे ने माचिस की तीली फेंकी, जिससे आग लगी। स्थिति को देखकर लगता है कि यह जानबूझकर किया गया कृत्य है। जांच के लिए बनाई गई कमेटी ने 10 से 12 बच्चों को किया चिन्हित प्रिंसिपल ने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। कमेटी ने 10 से 12 बच्चों को चिन्हित किया है। इन सभी बच्चों को उनके अभिभावकों के साथ तत्काल घर भेज दिया गया है, ताकि उनके व्यवहार और संस्कार में सुधार हो सके। यह कदम इसलिए भी उठाया गया है ताकि बाकी छात्रों को सख्त संदेश मिले कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्राचार्य ने बताया कि पूरे दिन बैठकों का दौर चला और बच्चों की अलग-अलग काउंसलिंग की गई। हमने स्टाफ, हाउस मास्टर और अभिभावकों के साथ भी बैठक की है। सभी से सुझाव लिए गए हैं, जिन्हें लागू किया जाएगा। प्राचार्य ने बताया कि हालिया तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक चीजें मिलीं थी। कमरे की तलाशी में 3-4 मोबाइल फोन और माचिस की तीलियां बरामद हुई हैं, जबकि छात्रों को मोबाइल रखने की अनुमति नहीं है। इससे साफ है कि आग माचिस से ही लगाई गई। प्राचार्य ने कहा कि इस पूरे मामले की रिपोर्ट क्षेत्रीय कार्यालय और दरभंगा के जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि ये गंभीर घटना है। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मैं खुद भी चिंतित हूं कि इस तरह की घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं।  

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