अनिका की मदद को आगे आए स्टूडेंट्स व लोग:महापौर ने दिया सहायता राशि का चेक, एक दिन में जुटाए 28 लाख

अनिका की मदद को आगे आए स्टूडेंट्स व लोग:महापौर ने दिया सहायता राशि का चेक, एक दिन में जुटाए 28 लाख

गंभीर एवं दुर्लभ बीमारी SMA टाइप-2 से जूझ रही बेबी अनिका के इलाज के लिए चलाया जा रहे अभियान बच्ची को बच्चे बचाएंगे इंदौर शहर में एक अनूठी मिसाल बन गया है। इस अभियान को शहरवासियों और विशेष रूप से स्टूडेंट्स से अभूतपूर्व सहयोग मिला। केवल एक दिन में 28 लाख रुपए जुटाकर इंदौर ने मानवीय संवेदनशीलता की अद्भुत शक्ति का परिचय दिया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस अभियान को शहर में व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उन्होंने न केवल सार्वजनिक मंचों पर इस पहल का समर्थन किया, बल्कि स्वयं कई प्रमुख स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में जाकर स्टूडेंट्स से संवाद किया और उन्हें अभियान से जोड़ा। प्रदेश और देशभर से लोग आगे आ रहे बुधवार को महापौर ने सहायता राशि का चेक सौंपते हुए कहा इंदौर की हमारी बेटी अनिका एक दुर्लभ बीमारी से ग्रसित है। उसके इलाज के लिए पूरे प्रदेश और देशभर से लोग आगे आ रहे हैं। हम सभी का दायित्व है कि अधिक से अधिक सहयोग कर समय पर उसका उपचार सुनिश्चित करें। स्टूडेंट्स ने किया योगदान अभियान में सहोदय ग्रुप ने भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, ग्रुप के चेयरमैन मोहित यादव ने शहर के सभी शैक्षणिक संस्थानों में समन्वय और छात्र सहभागिता सुनिश्चित की, जिससे अभियान को बड़ी गति मिली, स्टूडेंट्स की संवेदनशीलता का अद्भुत दृश्य
महापौर एवं समिति द्वारा 3 फरवरी को किए गए विशेष आव्हान के बाद शहर के हजारों स्टूडेंट्स ने स्वयं आगे बढ़कर योगदान दिया। केवल एक दिन में करीब 25 लाख रुपए की राशि संग्रहित हुई यह इंदौर के युवाओं की सामाजिक चेतना और संवेदनशीलता का उज्ज्वल उदाहरण बन गया, दान बॉक्सों की प्रक्रिया 4 और 5 फरवरी को नेहरू स्टेडियम में रखे दान बॉक्सों को प्रशासन और अभियान प्रतिनिधियों की उपस्थिति में खोला गया। राशि की गनती के बाद पूरी धनराशि को सीधे AIIMS से जुड़े बैंक खाते में जमा किया गया। अब तक 5 करोड़ 13 लाख 52 हजार रुपए जुटाए जा चुके है। जनता का सहयोग बना रहे
अनिका के माता-पिता ने कहा सबसे बड़ा सहयोग हमें महापौर पुष्यमित्र भार्गव के नेतृत्व में मिला है। हम सहोदय ग्रुप, स्टूडेंट्स, अभिभावकों और इंदौर के हर सहयोगी के आभारी हैं। हमारी विनती है कि सहयोग आगे भी बना रहे, ताकि हमारी बेटी का उपचार जल्द संभव हो सके।

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