पूर्णिया में प्रोफेसर-पीएचडी छात्रा के वायरल वीडियो मामले को लेकर मचा बवाल अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। इस पूरे मामले पर छात्रा का बयान सामने आया है। पीएचडी स्कॉलर ने पहली बार सामने आकर पूरा घटनाक्रम बताया है और कई गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा ने कहा कि पिता तुल्य गुरु के साथ उनकी फोटो वीडियो वायरल कर सुनियोजित तरीके से बदनाम करने की साजिश रची गई है। ये पूरा विवाद 18 मार्च को विश्वविद्यालय स्थापना दिवस पर हुए हंगामे के विरोध के बाद शुरू हुआ। उसने और उसके विभागाध्यक्ष ने कथित छात्र नेताओं के खिलाफ आवाज उठाई थी। इसी के बाद से से उसे बदनाम करने से लेकर जान से मारने तक की धमकियां दी जाने लगे, अभी भी उन्हें धमकी मिल रही है। जिस तस्वीर को लेकर उनके कैरेक्टर पर सवाल उठाया गया, उसे AI से एडिट कर भ्रामक रूप में पेश किया गया। उसकी छवि खराब की गई। प्रोफेसर मेरे लिए अभिभावक के समान हैं। पिता के साथ खाना खाना में कौन सा अपराध है। बेटी पिता के गोद में बैठकर खाना खाती हैं। इसे अंतरंग संबंध बताना, पिता और बेटी के रिश्ते को बदनाम करना, इससे शर्मनाक और कुछ नहीं हो सकता। छात्र नेता पर वीडिया वायरल करने का आरोप छात्रा ने आगे कहा कि लोग इसे जूली-मटुकनाथ की प्रेम कहानी का नाम दे रहे हैं। जो गलत है। यह प्रेम अपने अभिभावक के प्रति श्रद्धा है। माता-पिता के अलावा मैंने किसी को पूजा है तो वह हमारे गुरु हैं। वे मेरे पिता समान हैं। विडियो को रेस्टोरेंट से वायरल किया गया। वायरल करने वाले यूनिवर्सिटी के छात्र नेता हैं। जब उनके झांसे में नहीं आई तो रेस्टोरेंट वाले संग मिलकर वीडियो वायरल कर दिया। इस पूरे प्रकरण के दौरान उसे मानसिक शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। इस मामले में मेरी ओर से कुलपति, महिला थाना और साइबर थाना में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। मेरी सुरक्षा को ऐसे लोगों से खतरा है। क्या एक बालिग लड़की का अपने अभिभावक समान शिक्षक के साथ सार्वजनिक जगह पर बैठना अपराध है। मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। उनका पक्ष जाने बिना इस तरह का बयान देना दुर्भाग्यपूर्ण है। पूर्णिया में प्रोफेसर-पीएचडी छात्रा के वायरल वीडियो मामले को लेकर मचा बवाल अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। इस पूरे मामले पर छात्रा का बयान सामने आया है। पीएचडी स्कॉलर ने पहली बार सामने आकर पूरा घटनाक्रम बताया है और कई गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा ने कहा कि पिता तुल्य गुरु के साथ उनकी फोटो वीडियो वायरल कर सुनियोजित तरीके से बदनाम करने की साजिश रची गई है। ये पूरा विवाद 18 मार्च को विश्वविद्यालय स्थापना दिवस पर हुए हंगामे के विरोध के बाद शुरू हुआ। उसने और उसके विभागाध्यक्ष ने कथित छात्र नेताओं के खिलाफ आवाज उठाई थी। इसी के बाद से से उसे बदनाम करने से लेकर जान से मारने तक की धमकियां दी जाने लगे, अभी भी उन्हें धमकी मिल रही है। जिस तस्वीर को लेकर उनके कैरेक्टर पर सवाल उठाया गया, उसे AI से एडिट कर भ्रामक रूप में पेश किया गया। उसकी छवि खराब की गई। प्रोफेसर मेरे लिए अभिभावक के समान हैं। पिता के साथ खाना खाना में कौन सा अपराध है। बेटी पिता के गोद में बैठकर खाना खाती हैं। इसे अंतरंग संबंध बताना, पिता और बेटी के रिश्ते को बदनाम करना, इससे शर्मनाक और कुछ नहीं हो सकता। छात्र नेता पर वीडिया वायरल करने का आरोप छात्रा ने आगे कहा कि लोग इसे जूली-मटुकनाथ की प्रेम कहानी का नाम दे रहे हैं। जो गलत है। यह प्रेम अपने अभिभावक के प्रति श्रद्धा है। माता-पिता के अलावा मैंने किसी को पूजा है तो वह हमारे गुरु हैं। वे मेरे पिता समान हैं। विडियो को रेस्टोरेंट से वायरल किया गया। वायरल करने वाले यूनिवर्सिटी के छात्र नेता हैं। जब उनके झांसे में नहीं आई तो रेस्टोरेंट वाले संग मिलकर वीडियो वायरल कर दिया। इस पूरे प्रकरण के दौरान उसे मानसिक शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। इस मामले में मेरी ओर से कुलपति, महिला थाना और साइबर थाना में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। मेरी सुरक्षा को ऐसे लोगों से खतरा है। क्या एक बालिग लड़की का अपने अभिभावक समान शिक्षक के साथ सार्वजनिक जगह पर बैठना अपराध है। मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। उनका पक्ष जाने बिना इस तरह का बयान देना दुर्भाग्यपूर्ण है।


