शिवपुरी के फिजिकल थाना क्षेत्र स्थित वन विहार कॉलोनी में 12वीं कक्षा के एक छात्र के साथ तीन युवकों ने मारपीट कर दी। घटना से नाराज वार्ड क्रमांक 26 के पार्षद एमडी गुर्जर छात्र के परिजनों के साथ फिजिकल थाने पहुंचे और वहां धरने पर बैठ गए। पार्षद एमडी गुर्जर ने आरोप लगाते हुए बताया कि क्षेत्र में कुछ युवकों ने गैंग बना रखी है, जो दबदबा बनाने और शराब के लिए पैसों की मांग को लेकर राह चलते लोगों से मारपीट करते हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग पढ़ने वाले छात्रों को भी अपने साथ जोड़कर उनका भविष्य खराब कर रहे हैं। पार्षद के मुताबिक, उक्त गैंग के सदस्यों पर करीब 10 एफआईआर दर्ज हैं, इसके बावजूद पुलिस द्वारा कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। इसी का नतीजा है कि मंगलवार शाम वन विहार कॉलोनी निवासी 12वीं का छात्र अनुज शर्मा पुत्र दिनेश शर्मा जब ट्यूशन से घर लौट रहा था, तभी रास्ते में तीन युवकों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि एक युवक ने जलती सिगरेट उसके चेहरे पर फेंकी, इसके बाद शराब के लिए पैसे मांगते हुए उसके साथ मारपीट की और 440 रुपए छीन लिए। पार्षद ने यह भी कहा कि वे लगातार थाना प्रभारी नम्रता भदोरिया से वार्ड में शांति व्यवस्था बनाए रखने और इन बदमाशों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। जिन पर एफआईआर, उन्हें बनाया दलाल, पार्षद का आरोप पार्षद एमडी गुर्जर ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस गैंग के सदस्यों पर पुलिस मेहरबान है, क्योंकि वे पुलिस के लिए दलाली करते हैं। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ नाबालिग पुलिस के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे। उस मामले में पुलिस ने केवल समझाइश देकर छोड़ दिया, जबकि थाना प्रभारी के एक करीबी आरक्षक द्वारा बच्चों के परिजनों से 15-15 हजार रुपए मांगने का आरोप भी लगाया गया। पार्षद ने कहा कि इस संबंध में उनके पास वीडियो साक्ष्य भी मौजूद हैं। बता दें कि मंगलवार रात करीब 8 बजे से शुरू हुआ यह धरना रात साढ़े 11 बजे तक चलता रहा। बाद में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने, आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद पार्षद धरना समाप्त करने के लिए तैयार हुए। इस पूरे मामले में थाना प्रभारी नम्रता भदोरिया ने बताया कि फरियादी अनुज शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने अन्नू गुर्जर, राजवीर गुर्जर और शेरा गुर्जर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। उन्होंने कहा कि पुलिस हमेशा आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करती है और पार्षद द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।


