शेयर बाजारों में शुक्रवार को तेजी लौटी और बीएसई सेंसेक्स 316 अंक की बढ़त के साथ जबकि निफ्टी 25,550 के पार बंद हुआ। बैंकिंग और धातु शेयरों में खरीदारी, व्यापार समझौते में प्रगति को लेकर आशावाद के साथ ‘पैक्स सिलिका’ में भारत की भागीदारी की खबरों से बाजार को समर्थन मिला।
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 316.57 अंक यानी 0.38 प्रतिशत चढ़कर 82,814.71 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 633.94 अंक बढ़कर 83,132.08 अंक तक पहुंच गया था।
शेयर बाजार में तेजी लौटी
एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 116.90 अंक यानी 0.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,571.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 209.2 अंक उछलकर 25,663.55 अंक के उच्च स्तर तक पहुंच गया था।
भू-राजनीतिक चिंताओं के बीच निवेशकों द्वारा शेयर की अंधाधुंध बिकवाली से बृहस्पतिवार को सेंसेक्स 1,236.11 अंक और एनएसई निफ्टी 365 अंक टूट गया था।
शुक्रवार को सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से एनटीपीसी, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर, पावरग्रिड, टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, बजाज फाइनेंस, टाइटन, मारुति सुजुकी इंडिया, एक्सिस बैंक और इंडिगो के शेयर में सबसे अधिक तेजी रही।
दूसरी तरफ, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, इटर्नल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और अदाणी पोर्ट्स के शेयर नुकसान में रहे।जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध
क्या बोले विनोद नायर
प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजारों ने एक दिन पहले की भारी गिरावट के बाद जोरदार वापसी की। बड़े शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। व्यापार समझौते को लेकर स्पष्ट संकेतों और ‘पैक्स सिलिका’ में भारत के प्रवेश से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।’’
नायर ने कहा कि बैंकिंग और धातु कंपनियों के शेयरों में तेजी ने भी बाजार को वापसी करने में मदद की।
व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.45 प्रतिशत चढ़ा जबकि बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.07 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।
बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,265 शेयर गिरावट में रहे जबकि 1,917 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई और 167 शेयर अपरिवर्तित बंद हुए।
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 1,89,341.06 करोड़ रुपये बढ़कर 4,67,11,355.63 करोड़ रुपये हो गया।
साप्ताहिक आधार पर बीएसई सेंसेक्स 187.95 अंक यानी 0.22 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी में 100.15 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की तेजी रही।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, ‘‘उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच अंततः सूचकांक बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे। भू-राजनीतिक चिंताओं और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण निफ्टी कमजोर खुला, हालांकि चुनिंदा बड़े शेयर में खरीदारी से सत्र के आगे बढ़ने के साथ सूचकांक संभल गया और सकारात्मक दायरे में बंद हुआ।’’
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के शोध प्रमुख (संपत्ति प्रबंधन) सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि पीएसयू बैंक शेयरों पर ध्यान बना रहा और वे 1.7 प्रतिशत चढ़े।
एशिया के अन्य बाजारों में मुख्यत: गिरावट रही। हांगकांग का हैंगसेंग 1.10 प्रतिशत जबकि जापान का निक्की 1.07 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ। हालांकि, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 2.31 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। चीन के बाजार चंद्र नववर्ष अवकाश के कारण बंद रहे।
यूरोपीय बाजारों में जर्मनी का डैक्स, पेरिस का सीएसी 40 और लंदन का एफटीएसई 100 शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में करीब एक प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
अमेरिकी शेयर बाजार बृहस्पतिवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71.44 डॉलर प्रति बैरल रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बृहस्पतिवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 880.49 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी 596.28 करोड़ रुपये के शेयर की शुद्ध बिक्री की।


