अररिया में 1 हफ्ते बाद सफाई कर्मियों की हड़ताल खत्म:आउटसोर्सिंग के तहत काम पर लौटे; 29 वार्डों में फिर शुरू हुई सफाई

अररिया में 1 हफ्ते बाद सफाई कर्मियों की हड़ताल खत्म:आउटसोर्सिंग के तहत काम पर लौटे; 29 वार्डों में फिर शुरू हुई सफाई

अररिया नगर परिषद क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से जारी सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को समाप्त हो गई। सभी सफाई कर्मी अब आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत अपने-अपने कार्यों पर लौट आए हैं। इसके साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से बहाल हो गई है। इस हड़ताल के कारण शहर के मुख्य बाजारों, सड़कों और मोहल्लों में कचरे के ढेर लग गए थे, जिससे बदबू और बीमारी का खतरा बढ़ गया था। सफाई व्यवस्था बहाल होने से स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम पर लौटने का निर्णय
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी चंद्र प्रकाश राज ने बताया कि विभागीय निर्देशों के अनुपालन में सफाई कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम पर लौटने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा, “सभी सफाई कर्मचारी आज से पूर्ण रूप से ड्यूटी पर हैं। नगर परिषद क्षेत्र के 29 वार्डों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चालू कर दी गई है।” राज ने आगे कहा कि शहरवासियों को अब गंदगी से निजात मिलेगी और सामान्य जीवन पटरी पर आ जाएगा। शहर में कचरा उठाव पूरी तरह ठप हो गया
यह हड़ताल 9 मार्च को शुरू हुई थी। सफाई कर्मचारियों ने आउटसोर्सिंग के माध्यम से सफाई कार्य सौंपे जाने का विरोध किया था। उनकी मुख्य मांग पुरानी व्यवस्था के तहत नगर परिषद के अधीन स्थायी और नियमित रूप से काम करने की थी। सफाई कर्मचारी यूनियन द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल के ऐलान के बाद शहर में कचरा उठाव पूरी तरह ठप हो गया था। मुख्य सड़कें, बाजार और मुहल्ले कचरे से पट गए थे। रमजान के दौरान भी अधिकांश इलाकों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई थी, हालांकि अलविदा जुमे पर कुछ कर्मियों ने स्वेच्छा से श्रमदान किया था। वार्ड पार्षदों के बीच कई दौर की वार्ताएं हुईं
हड़ताल के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी, मुख्य पार्षद, उप मुख्य पार्षद और वार्ड पार्षदों के बीच कई दौर की वार्ताएं हुईं। शुरुआत में सहमति नहीं बन पाई, लेकिन विभागीय स्तर पर निर्देश मिलने के बाद सफाई कर्मी हड़ताल वापस लेने को तैयार हो गए। अब सभी कर्मचारी एकजुट होकर ड्यूटी पर लौटे हैं। अररिया नगर परिषद क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से जारी सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को समाप्त हो गई। सभी सफाई कर्मी अब आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत अपने-अपने कार्यों पर लौट आए हैं। इसके साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से बहाल हो गई है। इस हड़ताल के कारण शहर के मुख्य बाजारों, सड़कों और मोहल्लों में कचरे के ढेर लग गए थे, जिससे बदबू और बीमारी का खतरा बढ़ गया था। सफाई व्यवस्था बहाल होने से स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम पर लौटने का निर्णय
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी चंद्र प्रकाश राज ने बताया कि विभागीय निर्देशों के अनुपालन में सफाई कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम पर लौटने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा, “सभी सफाई कर्मचारी आज से पूर्ण रूप से ड्यूटी पर हैं। नगर परिषद क्षेत्र के 29 वार्डों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चालू कर दी गई है।” राज ने आगे कहा कि शहरवासियों को अब गंदगी से निजात मिलेगी और सामान्य जीवन पटरी पर आ जाएगा। शहर में कचरा उठाव पूरी तरह ठप हो गया
यह हड़ताल 9 मार्च को शुरू हुई थी। सफाई कर्मचारियों ने आउटसोर्सिंग के माध्यम से सफाई कार्य सौंपे जाने का विरोध किया था। उनकी मुख्य मांग पुरानी व्यवस्था के तहत नगर परिषद के अधीन स्थायी और नियमित रूप से काम करने की थी। सफाई कर्मचारी यूनियन द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल के ऐलान के बाद शहर में कचरा उठाव पूरी तरह ठप हो गया था। मुख्य सड़कें, बाजार और मुहल्ले कचरे से पट गए थे। रमजान के दौरान भी अधिकांश इलाकों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई थी, हालांकि अलविदा जुमे पर कुछ कर्मियों ने स्वेच्छा से श्रमदान किया था। वार्ड पार्षदों के बीच कई दौर की वार्ताएं हुईं
हड़ताल के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी, मुख्य पार्षद, उप मुख्य पार्षद और वार्ड पार्षदों के बीच कई दौर की वार्ताएं हुईं। शुरुआत में सहमति नहीं बन पाई, लेकिन विभागीय स्तर पर निर्देश मिलने के बाद सफाई कर्मी हड़ताल वापस लेने को तैयार हो गए। अब सभी कर्मचारी एकजुट होकर ड्यूटी पर लौटे हैं।  

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