जमुई में राजस्व और भूमि सुधार विभाग के अंतर्गत कार्यरत राजस्व कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के बैनर तले संयुक्त संघर्ष मोर्चा, जिला शाखा जमुई ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी और कर्मचारी विरोधी रवैये का आरोप लगाया है। मोर्चा के नेताओं ने बताया कि जून 2025 में सरकार के साथ एक लिखित समझौता हुआ था, लेकिन सरकार ने अपने वादों को लागू नहीं किया। इससे कर्मचारियों में असंतोष है। सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई संघ ने कहा कि कई महीनों तक शांतिपूर्ण बातचीत और आग्रह के बावजूद सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। इसी के परिणामस्वरूप, 11 फरवरी से यह हड़ताल शुरू हुई है। इस हड़ताल के कारण जिले में राजस्व से जुड़े सभी कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसमें सड़क से लेकर सदन तक घेराव, तालाबंदी और व्यापक जनआंदोलन शामिल होगा। प्रमुख मांगों में ग्रेड पे 1900 से बढ़ाकर 2800 करना कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में गृह जिला में पदस्थापन, ग्रेड पे 1900 से बढ़ाकर 2800 करना, समयबद्ध प्रोन्नति, अनुकंपा नियुक्त कर्मियों के संवर्ग में बदलाव न करना, कार्यालय संसाधनों की उपलब्धता, प्रत्येक हल्का में एक कर्मचारी की बहाली, पदनाम परिवर्तन तथा एसीपी, एमएसीपी का लाभ शामिल हैं। जमुई में राजस्व और भूमि सुधार विभाग के अंतर्गत कार्यरत राजस्व कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के बैनर तले संयुक्त संघर्ष मोर्चा, जिला शाखा जमुई ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी और कर्मचारी विरोधी रवैये का आरोप लगाया है। मोर्चा के नेताओं ने बताया कि जून 2025 में सरकार के साथ एक लिखित समझौता हुआ था, लेकिन सरकार ने अपने वादों को लागू नहीं किया। इससे कर्मचारियों में असंतोष है। सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई संघ ने कहा कि कई महीनों तक शांतिपूर्ण बातचीत और आग्रह के बावजूद सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। इसी के परिणामस्वरूप, 11 फरवरी से यह हड़ताल शुरू हुई है। इस हड़ताल के कारण जिले में राजस्व से जुड़े सभी कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसमें सड़क से लेकर सदन तक घेराव, तालाबंदी और व्यापक जनआंदोलन शामिल होगा। प्रमुख मांगों में ग्रेड पे 1900 से बढ़ाकर 2800 करना कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में गृह जिला में पदस्थापन, ग्रेड पे 1900 से बढ़ाकर 2800 करना, समयबद्ध प्रोन्नति, अनुकंपा नियुक्त कर्मियों के संवर्ग में बदलाव न करना, कार्यालय संसाधनों की उपलब्धता, प्रत्येक हल्का में एक कर्मचारी की बहाली, पदनाम परिवर्तन तथा एसीपी, एमएसीपी का लाभ शामिल हैं।


