देश में वीजा लेकर आने वाले विदेशी नागरिकों के लिए आधार कार्ड की वैधता को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त नियम तय कर दिए हैं। अब स्पष्ट कर दिया गया है कि विदेशी नागरिकों को जारी आधार कार्ड उनकी कानूनी स्थिति और वीजा की अवधि से सीधे जुड़ा रहेगा। वीजा समाप्त होते ही आधार कार्ड स्वत: निष्क्रिय (डिएक्टिवेट) हो जाएगा। ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारक, जिनका भारतीय मूल से संबंध है और जिन्हें भारत में लंबे समय तक रहने की विशेष अनुमति होती है, उनके लिए आधार कार्ड 10 वर्षों तक मान्य रहेगा। इसके बाद उन्हें नवीनीकरण या अपडेट की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। लॉन्ग टर्म वीजा (LTV) पर भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों का आधार कार्ड उनके वीजा की अवधि तक ही वैध रहेगा। इसी तरह टूरिस्ट, बिजनेस, स्टूडेंट या अन्य श्रेणी के वीजा पर आए विदेशी नागरिकों का आधार भी केवल वीजा अवधि तक मान्य होगा। वीजा की अवधि समाप्त होते ही आधार कार्ड स्वत: निष्क्रिय कर दिया जाएगा। नेपाल और भूटान के नागरिकों को भी राहत भारत के साथ विशेष संबंध रखने वाले नेपाल और भूटान के नागरिकों के लिए भी आधार की वैधता 10 वर्ष तय की गई है। इन देशों के नागरिकों को भारत में कई सुविधाएं मिलती हैं, इसी को ध्यान में रखते हुए यह प्रावधान रखा गया है। फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगाने की पहल सरकार का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मामले सामने आए थे, जिनमें वीजा समाप्त होने के बाद भी कुछ विदेशी नागरिक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आधार बनवाकर देश में रह रहे थे। नई व्यवस्था के तहत आधार की वैधता संबंधित व्यक्ति की कानूनी स्थिति से जुड़ी रहेगी। इससे सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सेवाओं और अन्य सुविधाओं में किसी प्रकार के दुरुपयोग पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब विदेशी नागरिकों के आधार कार्ड की निगरानी प्रणाली और अधिक सख्त होगी, जिससे वीजा समाप्त होते ही संबंधित आधार स्वत: निष्क्रिय हो जाएगा।


