अररिया में नशे पर प्रशासन की सख्ती:DM-SP ने की बैठक, सीमा पर निगरानी बढ़ाने का आदेश, CCTV-चेकिंग और छापेमारी तेज होगी

अररिया में नशे पर प्रशासन की सख्ती:DM-SP ने की बैठक, सीमा पर निगरानी बढ़ाने का आदेश, CCTV-चेकिंग और छापेमारी तेज होगी

अररिया जिले में मादक पदार्थों की रोकथाम और अवैध तस्करी पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन और पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर की मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और सख्ती बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। सशस्त्र सीमा बल (SSB), पुलिस और मद्य निषेध विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए, ताकि तस्करी के नेटवर्क को तोड़ा जा सके। दवा दुकानों और अवैध खेती पर कार्रवाई
जिला पदाधिकारी ने औषधि निरीक्षक को थोक और खुदरा दवा दुकानों की नियमित जांच करने का निर्देश दिया। किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया। साथ ही जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि अगर कहीं नशीले पदार्थों की अवैध खेती की सूचना मिले, तो तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। चिन्हित जगहों पर CCTV लगाने का आदेश
पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में अधीक्षक मद्य निषेध को संवेदनशील और चिन्हित स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा सके। पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान
नशे के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना और समाज में इसके खिलाफ माहौल बनाना है। ‘नशा मुक्त अररिया’ पर प्रशासन का फोकस
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी विभाग मिलकर “नशा मुक्त अररिया” बनाने के लक्ष्य पर काम करेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय स्तर पर जागरूकता और सख्ती से ही नशे और तस्करी की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। अररिया जिले में मादक पदार्थों की रोकथाम और अवैध तस्करी पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन और पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर की मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और सख्ती बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। सशस्त्र सीमा बल (SSB), पुलिस और मद्य निषेध विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए, ताकि तस्करी के नेटवर्क को तोड़ा जा सके। दवा दुकानों और अवैध खेती पर कार्रवाई
जिला पदाधिकारी ने औषधि निरीक्षक को थोक और खुदरा दवा दुकानों की नियमित जांच करने का निर्देश दिया। किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया। साथ ही जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि अगर कहीं नशीले पदार्थों की अवैध खेती की सूचना मिले, तो तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। चिन्हित जगहों पर CCTV लगाने का आदेश
पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में अधीक्षक मद्य निषेध को संवेदनशील और चिन्हित स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा सके। पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान
नशे के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना और समाज में इसके खिलाफ माहौल बनाना है। ‘नशा मुक्त अररिया’ पर प्रशासन का फोकस
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी विभाग मिलकर “नशा मुक्त अररिया” बनाने के लक्ष्य पर काम करेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय स्तर पर जागरूकता और सख्ती से ही नशे और तस्करी की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।  

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