रायसेन| जिले में पेयजल, घरेलू जरूरतों के लिए पानी की सप्लाई बनाए रखने के लिए 30 जून तक नए निजी नलकूप, ट्यूबवेल खनन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देश पर अपर कलेक्टर मनोज उपाध्याय ने मप्र पेयजल परिरक्षण अधिनियम के तहत तत्काल प्रभाव से पूरे रायसेन जिले को 30 जून 2026 तक जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। रायसेन | जिले में नरवाई जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देश पर नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लागू किया गया है। किसानों से अपील की है कि वे नरवाई में आग लगाने के बजाय वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाएं। कृषि विभाग के उप संचालक केपी भगत ने बताया नरवाई जलाने से मिट्टी के आवश्यक पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। भूमि की उर्वराशक्ति प्रभावित होती है। इसके विपरीत, नरवाई का सही प्रबंधन करने से ये पोषक तत्व वापस मिट्टी में मिलते हैं। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ती है। किसानों को स्ट्रॉ रीपर, सुपर सीडर, हैप्पी सीडर और मल्चर जैसी मशीनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ये मशीनें फसल अवशेषों को काटकर या खाद में बदलने में सहायक हैं।


