यह कमाल की इंजीनियरिंग है। पाटलिपुत्र जंक्शन जाने वाले रास्ते पर रुपसपुर फ्लाईओवर के नीचे सूखे पेड़ को हटाया नहीं आैर सड़क बना दी। यह सूखा पेड़ बीच सड़क पर खड़ा है। यह रोज 5 हजार से अधिक वाहनों को हादसे की दावत दे रहा है। गाड़ियां पेड़ के पास पहुंचती हैं तो उनका बैलेंस बिगड़ जाता है। बाइक तो किसी तरह निकल जा रही है, लेकिन ऑटो और फोर व्हीलर पेड़ से टकराते-टकराते बचती हैं। स्थानीय लोगों ने कहा-पेड़ में टकराने से हर महीने दो-तीन ऑटो और फोर व्हीलर का नक्शा बिगड़ जा रहा है। दो बार तो यात्री भी बाल-बाल बचे हैं।
जल्द हटाया जाएगा पेड़
बेली रोड से पाटलिपुत्र जंक्शन तक रोशनी की सही व्यवस्था नहीं है। रात में अंधेरा रहता है। ऐसे में हादसे का खतरा बना रहता है। {सड़क उबड़-खाबड़ है। करीब तीन किमी सड़क पर पांच-छह जगहों पर गड्ढे हैं। यह कमाल की इंजीनियरिंग है। पाटलिपुत्र जंक्शन जाने वाले रास्ते पर रुपसपुर फ्लाईओवर के नीचे सूखे पेड़ को हटाया नहीं आैर सड़क बना दी। यह सूखा पेड़ बीच सड़क पर खड़ा है। यह रोज 5 हजार से अधिक वाहनों को हादसे की दावत दे रहा है। गाड़ियां पेड़ के पास पहुंचती हैं तो उनका बैलेंस बिगड़ जाता है। बाइक तो किसी तरह निकल जा रही है, लेकिन ऑटो और फोर व्हीलर पेड़ से टकराते-टकराते बचती हैं। स्थानीय लोगों ने कहा-पेड़ में टकराने से हर महीने दो-तीन ऑटो और फोर व्हीलर का नक्शा बिगड़ जा रहा है। दो बार तो यात्री भी बाल-बाल बचे हैं।
जल्द हटाया जाएगा पेड़
बेली रोड से पाटलिपुत्र जंक्शन तक रोशनी की सही व्यवस्था नहीं है। रात में अंधेरा रहता है। ऐसे में हादसे का खतरा बना रहता है। {सड़क उबड़-खाबड़ है। करीब तीन किमी सड़क पर पांच-छह जगहों पर गड्ढे हैं।


