जबरिया रिटायर पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ दास की कहानी:IPS की बेटी से रेप का लगा आरोप, नीतीश-मोदी पर कमेंट किया, बाहुबली ने दी थी सुपारी

जबरिया रिटायर पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ दास की कहानी:IPS की बेटी से रेप का लगा आरोप, नीतीश-मोदी पर कमेंट किया, बाहुबली ने दी थी सुपारी

पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ दास एक बार फिर चर्चा में हैं। वजह NEET छात्रा रेप-मौत मामले में सोशल मीडिया पर सनसनीखेज दावे और इसके चलते पटना पुलिस द्वारा उनके घर की गई छापेमारी। अमिताभ पर पॉक्सो एक्ट समेत 6 धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 1994 बैच के इस अधिकारी ने नौकरी के शुरुआती दिनों में सख्त पुलिस ऑफिसर के रूप में नाम कमाया, लेकिन इसके बाद विवादों में ऐसा उलझे कि करियर डूब गई। सरकार ने जबरन नौकरी से निकाल दिया। सीएम नीतीश कुमार और पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र बातें कहने वाले अमिताभ पर एक IPS अधिकारी की बेटी ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। आइए जानते हैं, कौन हैं अमिताभ कुमार दास? क्यों सरकार ने उन्हें जबरन समय से पहले रिटायर किया था? पहले किस किस तरह के आरोप लगाकर चर्चा में आए? सबसे पहले जानिए कौन हैं अमिताभ दास? अमिताभ दास 1994 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं। न्यू पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित स्काई जेड अपार्टमेंट के फ्लैट में रहते हैं। मूल रूप से मधुबनी के हैं। उनके पिता बिहार में ADM थे। अमिताभ दास ने शुरुआती पढ़ाई दरभंगा के लहेरियासराय के स्कूल से की। उन्होंने 1984 में मैट्रिक की परीक्षा पास की थी। जिले के टॉपर थे। मैट्रिक के बाद पटना साइंस कॉलेज आ गए। जीव विज्ञान में एडमिशन लिया। शुरू में न्यूटन हॉस्टल में रहे। फिर सेकंड ईयर में कैवेंडिस हॉस्टल चले गए। इंटर के बाद ग्रेजुएशन करने के लिए दरभंगा चले गए। UPSC की तैयारी दरभंगा से की। 1994 में आईपीएस बने थे। अमिताभ दास के भाई-बहन अमेरिका में रहते हैं। कैसा रहा है अमिताभ दास का करियर? अमिताभ दास ने 4 सितंबर 1994 को बिहार कैडर के IPS अधिकारी के रूप में जॉइन किया था। SP के रूप में उनकी पहली पोस्टिंग 1997 में देवघर जिले में हुई थी। बाद में लखीसराय, किशनगंज, अरवल से लेकर पटना के रेल एसपी तक रहे। 19 साल पहले BMP-11 (जमुई) का कमांडेंट रहने के दौरान अमिताभ पर अनुशासनहीनता समेत कई तरह के संगीन आरोप लगे थे। इसके चलते 28 अगस्त 2007 को अमिताभ के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई। उन्हें करीब 10 साल तक प्रमोशन नहीं मिला। विभागीय जांच का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। कोर्ट से राहत मिलने के बाद प्रमोशन की मांग की थी। बात 9 साल पहले की है। 1994 बैच के अन्य आईपीएस आईजी रैंक तक पहुंचे गए थे, लेकिन अमिताभ एसपी ही रह गए थे। 2006 में अमिताभ दास पर एक महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। तब वह जमुई में बीएमपी-11 के कमांडेंट थे। महिला ने कहा था कि अमिताभ ने शादी का झूठा वादा कर लंबे समय तक यौन शोषण किया। क्यों नौकरी से निकाले गए थे अमिताभ दास? महिला से यौन शोषण, अनुशासनहीनता समेत कई आरोपों को सामना कर रहे अमिताभ दास लगातार बड़े नेताओं पर विवादित बयान देते रहे हैं। इस कारण वो हमेशा विवादों में रहते हैं। नीतीश कुमार के सीएम बनने के बाद लंबे समय तक निलंबित रहे। कोर्ट के आदेश पर उनके निलंबन और प्रमोशन के मामले का निपटारा हुआ। इसके बाद राज्य सरकार ने अमिताभ दास को नौकरी से हटाने को लेकर केंद्र सरकार से अनुरोध किया। केंद्रीय गृह मंत्रालय से सहमति मिलने के बाद उन्हें अगस्त 2018 में जबरन रिटायर कर दिया गया। तब वह पुलिस अधीक्षक सह सहायक नागरिक सुरक्षा आयुक्त के पद पर तैनात थे। पद छिन जाने के बाद अमिताभ दास ने क्या किया? IPS की वर्दी छिन जाने के बाद भी अमिताभ दास के तीखे तेवर मंद नहीं पड़े। उन्होंने ‘क्रांतिकारी न्याय पार्टी’ का गठन किया। फेसबुक और यूट्यूब के माध्यम से लगातार बिहार पुलिस और सरकार पर तीखे हमले करते रहे। मंत्रियों और सरकार को लेकर विवादित दावे वाले पत्र जारी करते रहे। अमिताभ दास ने कब-कब किए विवादित दावे? 6 फरवरी 2022: 4 मंत्रियों के यहां होती है लड़कियों की सप्लाई अमिताभ दास ने पटना सिटी के गाय घाट स्थित महिला रिमांड होम को लेकर दावा किया था कि यहां रह चुकी कुछ लड़कियों ने उनसे कॉन्टैक्ट किया। उन्होंने बिहार सरकार के 4 मंत्रियों के नाम बताए, जिनके पास लड़कियों की सप्लाई की जाती है। अमिताभ ने महिला रिमांड होम के मामले को लेकर 3 फरवरी 2022 को बिहार के राज्यपाल को लेटर लिखा था। इसमें मंत्रियों के पास लड़कियां पहुंचाने के आरोप लगाए थे। CBI जांच कराने की मांग की थी। 22 अगस्त 2019: अनंत सिंह सुपारी देकर करा सकते हैं हत्या अमिताभ दास ने बिहार सरकार से सुरक्षा देने की मांग की थी। डीजीपी को लिखे पत्र में कहा कि AK-47 मामले में फरार चल रहे (उस वक्त) विधायक अनंत सिंह मेरी हत्या करा सकते हैं। दास ने कहा कि 10 साल पहले 5 मार्च 2009 को अनंत सिंह के खिलाफ एक रिपोर्ट भेजी थी। बताया था कि विधायक के घर पर हथियारों का जखीरा है। अनंत सिंह के पास AK-47 भी है। उन्होंने कहा था कि उस वक्त अनंत सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी थे। इसी वजह से पुलिस मुख्यालय ने मेरी रिपोर्ट पर ध्यान नहीं दिया। 16 अगस्त 2019 को विधायक के आवास पर छापेमारी हुई और एके-47 समेत कई हथियार बरामद किए गए। 10 मई 2023: आनंद मोहन ने दी मेरी सुपारी 27 अप्रैल 2023 को आनंद मोहन जेल से रिहा हुए थे। इसके बाद 10 मई 2023 को अमिताभ दास ने उनपर सुपारी देने का आरोप लगाया। कहा था कि मैंने बाहुबली की रिहाई के विरोध में आवाज उठाई है। कभी भी मेरी हत्या हो सकती है। बाहुबली ने अपने गुर्गों को आदेश दिया है कि अमिताभ दास को जी कृष्णैया के पास पहुंचा दो। अमिताभ ने आनंद मोहन की रिहाई का विरोध किया था। पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की और गोपालगंज के पूर्व डीएम जी कृष्णैया की पत्नी को भी रिहाई के विरोध में आगे लाया था। 9 फरवरी 2021: मंत्री लेसी के घर में हैं AK-47, AK-56 जैसे हथियार अमिताभ दास ने मंत्री लेसी सिंह के बारे में DGP को पत्र लिखा था। कहा कि लेसी सिंह के ठिकानों पर AK-47, AK-56 और SLR जैसे अत्याधुनिक हथियार छिपाकर रखे गए हैं। इसके बारे में उनके पास पक्की सूचना है। पुलिस को जल्द से जल्द लेसी सिंह के ठिकानों पर छापेमारी करनी चाहिए। अमिताभ ने कहा कि लेसी सिंह का पति बूटन सिंह पूर्णिया का कुख्यात अपराधी था। सीमांचल इलाके का आतंक था। पति की हत्या के बाद उसके गिरोह की कमान लेसी सिंह ने संभाल ली है। गिरोह के सारे हथियार लेसी सिंह के ठिकानों पर छिपाकर रखे गए हैं। पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ दास एक बार फिर चर्चा में हैं। वजह NEET छात्रा रेप-मौत मामले में सोशल मीडिया पर सनसनीखेज दावे और इसके चलते पटना पुलिस द्वारा उनके घर की गई छापेमारी। अमिताभ पर पॉक्सो एक्ट समेत 6 धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 1994 बैच के इस अधिकारी ने नौकरी के शुरुआती दिनों में सख्त पुलिस ऑफिसर के रूप में नाम कमाया, लेकिन इसके बाद विवादों में ऐसा उलझे कि करियर डूब गई। सरकार ने जबरन नौकरी से निकाल दिया। सीएम नीतीश कुमार और पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र बातें कहने वाले अमिताभ पर एक IPS अधिकारी की बेटी ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। आइए जानते हैं, कौन हैं अमिताभ कुमार दास? क्यों सरकार ने उन्हें जबरन समय से पहले रिटायर किया था? पहले किस किस तरह के आरोप लगाकर चर्चा में आए? सबसे पहले जानिए कौन हैं अमिताभ दास? अमिताभ दास 1994 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं। न्यू पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित स्काई जेड अपार्टमेंट के फ्लैट में रहते हैं। मूल रूप से मधुबनी के हैं। उनके पिता बिहार में ADM थे। अमिताभ दास ने शुरुआती पढ़ाई दरभंगा के लहेरियासराय के स्कूल से की। उन्होंने 1984 में मैट्रिक की परीक्षा पास की थी। जिले के टॉपर थे। मैट्रिक के बाद पटना साइंस कॉलेज आ गए। जीव विज्ञान में एडमिशन लिया। शुरू में न्यूटन हॉस्टल में रहे। फिर सेकंड ईयर में कैवेंडिस हॉस्टल चले गए। इंटर के बाद ग्रेजुएशन करने के लिए दरभंगा चले गए। UPSC की तैयारी दरभंगा से की। 1994 में आईपीएस बने थे। अमिताभ दास के भाई-बहन अमेरिका में रहते हैं। कैसा रहा है अमिताभ दास का करियर? अमिताभ दास ने 4 सितंबर 1994 को बिहार कैडर के IPS अधिकारी के रूप में जॉइन किया था। SP के रूप में उनकी पहली पोस्टिंग 1997 में देवघर जिले में हुई थी। बाद में लखीसराय, किशनगंज, अरवल से लेकर पटना के रेल एसपी तक रहे। 19 साल पहले BMP-11 (जमुई) का कमांडेंट रहने के दौरान अमिताभ पर अनुशासनहीनता समेत कई तरह के संगीन आरोप लगे थे। इसके चलते 28 अगस्त 2007 को अमिताभ के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई। उन्हें करीब 10 साल तक प्रमोशन नहीं मिला। विभागीय जांच का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। कोर्ट से राहत मिलने के बाद प्रमोशन की मांग की थी। बात 9 साल पहले की है। 1994 बैच के अन्य आईपीएस आईजी रैंक तक पहुंचे गए थे, लेकिन अमिताभ एसपी ही रह गए थे। 2006 में अमिताभ दास पर एक महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। तब वह जमुई में बीएमपी-11 के कमांडेंट थे। महिला ने कहा था कि अमिताभ ने शादी का झूठा वादा कर लंबे समय तक यौन शोषण किया। क्यों नौकरी से निकाले गए थे अमिताभ दास? महिला से यौन शोषण, अनुशासनहीनता समेत कई आरोपों को सामना कर रहे अमिताभ दास लगातार बड़े नेताओं पर विवादित बयान देते रहे हैं। इस कारण वो हमेशा विवादों में रहते हैं। नीतीश कुमार के सीएम बनने के बाद लंबे समय तक निलंबित रहे। कोर्ट के आदेश पर उनके निलंबन और प्रमोशन के मामले का निपटारा हुआ। इसके बाद राज्य सरकार ने अमिताभ दास को नौकरी से हटाने को लेकर केंद्र सरकार से अनुरोध किया। केंद्रीय गृह मंत्रालय से सहमति मिलने के बाद उन्हें अगस्त 2018 में जबरन रिटायर कर दिया गया। तब वह पुलिस अधीक्षक सह सहायक नागरिक सुरक्षा आयुक्त के पद पर तैनात थे। पद छिन जाने के बाद अमिताभ दास ने क्या किया? IPS की वर्दी छिन जाने के बाद भी अमिताभ दास के तीखे तेवर मंद नहीं पड़े। उन्होंने ‘क्रांतिकारी न्याय पार्टी’ का गठन किया। फेसबुक और यूट्यूब के माध्यम से लगातार बिहार पुलिस और सरकार पर तीखे हमले करते रहे। मंत्रियों और सरकार को लेकर विवादित दावे वाले पत्र जारी करते रहे। अमिताभ दास ने कब-कब किए विवादित दावे? 6 फरवरी 2022: 4 मंत्रियों के यहां होती है लड़कियों की सप्लाई अमिताभ दास ने पटना सिटी के गाय घाट स्थित महिला रिमांड होम को लेकर दावा किया था कि यहां रह चुकी कुछ लड़कियों ने उनसे कॉन्टैक्ट किया। उन्होंने बिहार सरकार के 4 मंत्रियों के नाम बताए, जिनके पास लड़कियों की सप्लाई की जाती है। अमिताभ ने महिला रिमांड होम के मामले को लेकर 3 फरवरी 2022 को बिहार के राज्यपाल को लेटर लिखा था। इसमें मंत्रियों के पास लड़कियां पहुंचाने के आरोप लगाए थे। CBI जांच कराने की मांग की थी। 22 अगस्त 2019: अनंत सिंह सुपारी देकर करा सकते हैं हत्या अमिताभ दास ने बिहार सरकार से सुरक्षा देने की मांग की थी। डीजीपी को लिखे पत्र में कहा कि AK-47 मामले में फरार चल रहे (उस वक्त) विधायक अनंत सिंह मेरी हत्या करा सकते हैं। दास ने कहा कि 10 साल पहले 5 मार्च 2009 को अनंत सिंह के खिलाफ एक रिपोर्ट भेजी थी। बताया था कि विधायक के घर पर हथियारों का जखीरा है। अनंत सिंह के पास AK-47 भी है। उन्होंने कहा था कि उस वक्त अनंत सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी थे। इसी वजह से पुलिस मुख्यालय ने मेरी रिपोर्ट पर ध्यान नहीं दिया। 16 अगस्त 2019 को विधायक के आवास पर छापेमारी हुई और एके-47 समेत कई हथियार बरामद किए गए। 10 मई 2023: आनंद मोहन ने दी मेरी सुपारी 27 अप्रैल 2023 को आनंद मोहन जेल से रिहा हुए थे। इसके बाद 10 मई 2023 को अमिताभ दास ने उनपर सुपारी देने का आरोप लगाया। कहा था कि मैंने बाहुबली की रिहाई के विरोध में आवाज उठाई है। कभी भी मेरी हत्या हो सकती है। बाहुबली ने अपने गुर्गों को आदेश दिया है कि अमिताभ दास को जी कृष्णैया के पास पहुंचा दो। अमिताभ ने आनंद मोहन की रिहाई का विरोध किया था। पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की और गोपालगंज के पूर्व डीएम जी कृष्णैया की पत्नी को भी रिहाई के विरोध में आगे लाया था। 9 फरवरी 2021: मंत्री लेसी के घर में हैं AK-47, AK-56 जैसे हथियार अमिताभ दास ने मंत्री लेसी सिंह के बारे में DGP को पत्र लिखा था। कहा कि लेसी सिंह के ठिकानों पर AK-47, AK-56 और SLR जैसे अत्याधुनिक हथियार छिपाकर रखे गए हैं। इसके बारे में उनके पास पक्की सूचना है। पुलिस को जल्द से जल्द लेसी सिंह के ठिकानों पर छापेमारी करनी चाहिए। अमिताभ ने कहा कि लेसी सिंह का पति बूटन सिंह पूर्णिया का कुख्यात अपराधी था। सीमांचल इलाके का आतंक था। पति की हत्या के बाद उसके गिरोह की कमान लेसी सिंह ने संभाल ली है। गिरोह के सारे हथियार लेसी सिंह के ठिकानों पर छिपाकर रखे गए हैं।  

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