कानपुर के रज्जन बाबू पार्क का विवाद शनिवार शाम थम गया। मेयर प्रमिला पाण्डेय और पार्षद अमित गुप्ता के नाम का पत्थर लगने के बाद पार्क की मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया। देर रात तक भी हटिया स्थित पार्क में काम चलता रहा।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
बीते दो दिनों से पार्क में मेयर और पार्षद के नाम का पत्थर लगाए जाने को लेकर एक विवाद खड़ा हो गया था। कमेटी के पदाधिकारी पत्थर लगाने का विरोध कर रहे थे। वहीं पार्षद नाम का पत्थर लगाने के बाद ही काम शुरू कराने की बात पर अड़ गए थे। काम लगातार बंद रहा। हटिया होली गंगा मेला कमेटी के अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र विश्नोई ने धरना की चेतावनी दी।
21 फरवरी शनिवार को सुबह जोन एक के जेई, ठेकेदार और मजदूर पहुंचे, लेकिन पार्षद अमित गुप्ता ने काम करने से रोका। अधिकारियों से बात कर कहा कि यह नगर निगम का कार्य है। इसमें पार्षद और मेयर के नाम का पत्थर लगेगा, यह बात कमेटी के लोगों से साफ कर लिया जाए। पार्क में विवाद बढ़ा और कमेटी के लोगों व पार्षद अमित गुप्ता के बीच नोकझोंक हुई।
पुलिस और अन्य पार्षद पहुंचे, शुरू हुआ कार्य
शनिवार को दो घंटे के विवाद के बाद मौके पर पार्षद ने पुलिस बुला ली। कुछ देर बाद बीजेपी के अन्य पार्षद भी पहुंच गए। गंगा मेला 10 मार्च को है। ऐतिहासिक मेले की तैयारी और पार्क की मरम्मत को लेकर कमेटी और पार्षद के बीच बातचीत कराई गई।
ये पार्षद पहुंचे
पार्क में पार्षद और कमेटी के बीच बातचीत कराने के लिए भाजपा के अरुण तिवारी, पार्षद मोनू गुप्ता और पार्षद आदर्श गुप्ता पहुंचे। उन्होंने कमेटी के अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र विश्नोई, महामंत्री विनय सिंह और अन्य सदस्यों से बातचीत कराई।
इस सहमति पर शुरू हुआ कार्य
आखिर पार्क में काम तभी शुरू हुआ जब मेयर और पार्षद के नाम का पत्थर पहले लगाया गया। जेई माणिक चंद्र ने काम शुरू कराया। देर रात तक मजदूर पार्क में काम करते रहे। पार्षदों और मेला कमेटी के पदाधिकारियों के बीच बातचीत के बाद तय किया गया कि इस पत्थर के साथ एक और पत्थर लगाया जाएगा, जिस पर कमेटी के पदाधिकारियों और सभी सदस्यों के नाम लिखे जाएंगे।


