झाड़ोल(उदयपुर). बाघपुरा थाना क्षेत्र के सैलाना गांव में हुए हत्याकांड के बाद दो दिनों तक चले तनाव और वार्ताओं के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था, लेकिन समझौते की प्रक्रिया के दौरान ही माहौल अचानक बिगड़ गया और थाने के बाहर मौजूद युवाओं ने इसका विरोध करते हुए हंगामा कर दिया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को पथराव के बाद लाठीचार्ज करना पड़ा।
घटना के दूसरे दिन प्रशासन, समाज के प्रबुद्धजन और दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के बीच लगातार वार्तालाप चलता रहा। इस दौरान मृतकों के परिजनों को सामाजिक स्तर पर 5–5 लाख रुपए देने पर सहमति बनी, वहीं प्रशासन की ओर से भी आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता लगभग तय हो गया था।
समझौते का युवाओं ने किया विरोध-
बताया जा रहा है कि जब थाने के अंदर समझौते की प्रक्रिया चल रही थी, उसी दौरान बाहर खड़े कुछ युवाओं को इसकी जानकारी मिली। युवाओं ने नाराजगी जताई। देखते ही देखते माहौल गरमा गया और युवाओं ने समझौते का विरोध शुरू कर दिया।
समाजसेवी पर तलवार लेकर दौड़े युवक–
समझौता वार्ता करवाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे रीछावर निवासी समाजसेवी मुकेश कटारा के पीछे भी कुछ युवक तलवार लेकर दौड़ पड़े। स्थिति को भांपते हुए मुकेश कटारा किसी तरह थाने के अंदर घुस गए, जिससे वे बाल-बाल बच गए।
थाने के बाहर पथराव, पुलिस ने भीड़ को किया तितर बितर
इसी दौरान शाम करीब 6 बजे बाघपुरा थाने के बाहर मौजूद युवाओं ने समझौता कराने वाले लोगों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए पथराव से माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। इसके बाद वहां मौजूद महिला-पुरुष मौके से भाग खड़े हुए।
समाजसेवी के घर चढ़ोतरा करने पहुंचे लोग–
घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग रीछावर निवासी समाजसेवी मुकेश कटारा के घर भी चढ़ोतरा करने पहुंच गए, जिससे क्षेत्र में फिर से तनाव की स्थिति बन गई। समाजसेवी मुकेश कटारा के घर पर पुलिस जाप्ता पहुंचा।


