कुशीनगर के खड्डा नगर स्थित आयुष्मान हॉस्पिटल में अवैध रूप से पथरी का ऑपरेशन कराने के बाद एक बुजुर्ग की मौत हो गई। यह अस्पताल पहले से ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा सील किया जा चुका था। घटना के बाद अस्पताल संचालक और पूरा स्टाफ मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान रामपुर गोनहा गांव के चनरहा टोला निवासी ओटलाल कुशवाहा के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, सोमवार को उनके बेटे राज ने ओटलाल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। उसी दिन दोपहर में भर्ती करने के बाद रात में पथरी का ऑपरेशन किया गया।
परिजनों को ऑपरेशन सफल होने का भरोसा दिया गया था, लेकिन शुक्रवार देर रात उनकी तबीयत बिगड़ गई। शनिवार सुबह करीब 10 बजे ओटलाल कुशवाहा की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और संचालक व स्टाफ अस्पताल छोड़कर फरार हो गए। परिजनों ने अस्पताल संचालक और कथित डॉक्टर रामप्रवेश कुशवाहा (निवासी बहोर छपरा) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इलाज के नाम पर उनसे 50 हजार रुपये तक वसूले गए थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आयुष्मान हॉस्पिटल को स्वास्थ्य विभाग ने 16 मार्च को ही सील कर दिया था। जांच में अस्पताल के पास वैध रजिस्ट्रेशन नहीं पाया गया था। इसके बावजूद, संचालक ने ऑपरेशन थिएटर का ताला तोड़कर दोबारा सर्जरी शुरू कर दी थी। सूत्रों के मुताबिक, उसी दिन एक नाबालिग युवक का हर्निया ऑपरेशन भी किया गया था, जिससे स्पष्ट है कि यहां लगातार अवैध सर्जरी हो रही थी। घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यदि प्रशासन समय रहते निगरानी करता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
मौके पर पहुंचे एसीएमओ डॉ. रामदास कुशवाहा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और अस्पताल को पुनः सीज करने की कार्रवाई की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सील अस्पताल में ताला तोड़कर ऑपरेशन होना और प्रशासन को इसकी जानकारी न होना, व्यवस्था की बड़ी चूक को दर्शाता है।


