बुरहानपुर के नेपानगर स्थित नेपा लिमिटेड को पुनर्जीवित करने की कोशिशें एक बार फिर तेज होती नजर आ रही हैं। लंबे समय से अटके कर्मचारियों के वेतन भुगतान और संस्थान के भविष्य को लेकर अब केंद्र स्तर पर हलचल बढ़ गई है। दिल्ली में हुई बैठकों के बाद ₹33.54 करोड़ की स्वीकृत राशि जारी होने के संकेत मिले हैं। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के नेतृत्व में नेपा ऑफिसर्स स्टाफ एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों के लंबित वेतन भुगतान के लिए स्वीकृत राशि जल्द जारी करने की मांग रखी। इस दौरान मंत्री को एक पत्र भी सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र केशरी, सचिव संजय पवार और संयुक्त सचिव देवेंद्र महोबे शामिल रहे। वहीं, नेपा मिल श्रमिक संघ के पदाधिकारी भी इस पहल में साथ रहे। ट्रायल रन के बाद बढ़ी उम्मीदें नेपा लिमिटेड के जनसंपर्क अधिकारी संदीप ठाकरे के अनुसार, हाल ही में सीएमडी नरेश सिंह के नेतृत्व में भारी उद्योग मंत्रालय के समक्ष नवीनीकृत संयंत्रों का सफल ट्रायल रन प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद से ही संस्थान को दोबारा गति मिलने की उम्मीदें मजबूत हुई हैं। हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी नेपानगर स्थित यह इकाई करीब 140 गांवों की अर्थव्यवस्था से जुड़ी है। लंबे समय से उत्पादन प्रभावित होने के कारण हजारों परिवारों पर इसका असर पड़ा है। हालांकि हाल के समय में बेहतर गुणवत्ता के कागज उत्पादन के साथ संस्थान ने अपनी उपयोगिता फिर से साबित करने की कोशिश की है। मामले को लेकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास आठवले ने भी केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री से फोन पर चर्चा की और शीघ्र समाधान की जरूरत बताई। इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा भी इस मुद्दे को उठाते हुए कर्मचारियों के लंबित वेतन के भुगतान की मांग दोहराई गई। केंद्र स्तर पर बढ़ती सक्रियता के बाद अब कर्मचारियों और क्षेत्र के लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि स्वीकृत राशि कब जारी होती है और नेपा लिमिटेड को स्थायी रूप से पटरी पर लाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।


