Steroid Side Effects: जिम वालों सावधान! बॉडी बनाने की यह जादुई दवा कहीं आपको अंदर से खोखला तो नहीं कर रही?

Steroid Side Effects: जिम वालों सावधान! बॉडी बनाने की यह जादुई दवा कहीं आपको अंदर से खोखला तो नहीं कर रही?

Steroid Side Effects: स्टेरॉयड ऐसी दवाएं होती हैं जो हमारे शरीर में बनने वाले प्राकृतिक हार्मोन की तरह काम करती हैं। डॉक्टर इन्हें अस्थमा, एलर्जी, गठिया, स्किन डिजीज या हार्मोन की कमी जैसी समस्याओं में देते हैं। कुछ स्टेरॉयड मांसपेशियां बढ़ाने में मदद करते हैं, इसलिए जिम में भी इनका गलत इस्तेमाल होता है। लेकिन बिना जरूरत या डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड लेना सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।

दिल पर पड़ता है सीधा असर

स्टेरॉयड का ज्यादा सेवन दिल और नसों पर बुरा असर डालता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, क्योंकि शरीर में पानी रुकने लगता है और नसें सख्त हो जाती हैं। दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।
इतना ही नहीं, स्टेरॉयड से अच्छा कोलेस्ट्रॉल कम और खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है, जिससे नसों में चर्बी जमने लगती है और हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ता है।

हार्मोन सिस्टम बिगड़ जाता है

स्टेरॉयड शरीर के हार्मोन संतुलन को पूरी तरह बिगाड़ सकते हैं। पुरुषों में शरीर खुद टेस्टोस्टेरोन बनाना कम कर देता है, जिससे शुक्राणुओं की संख्या घट सकती है, बांझपन और यौन कमजोरी हो सकती है। महिलाओं में आवाज भारी होना, चेहरे और शरीर पर ज्यादा बाल आना और पीरियड्स का अनियमित होना जैसी समस्याएं सामने आती हैं, जो कई बार स्थायी भी हो सकती हैं।

फंगल इंफेक्शन का खतरा

स्टेरॉयड इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देते हैं। स्किन पर लगाए जाने वाले स्टेरॉयड क्रीम से खुजली या एलर्जी तो कम होती है, लेकिन इससे फंगल इंफेक्शन तेजी से फैल सकता है। अक्सर देखा जाता है कि हल्की खुजली रिंगवर्म जैसी जिद्दी बीमारी में बदल जाती है, जो शरीर के कई हिस्सों तक फैल जाती है।

हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर

लंबे समय तक स्टेरॉयड लेने से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। इससे कैल्शियम का संतुलन बिगड़ता है और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। नतीजा यह कि मामूली गिरने पर भी हड्डी टूट सकती है, खासकर कमर, कूल्हे और कलाई की।

आंखों की रोशनी पर असर

स्टेरॉयड का ज्यादा इस्तेमाल आंखों में दबाव बढ़ा सकता है, जिससे ग्लूकोमा हो सकता है। शुरुआत में कोई लक्षण नहीं दिखते, लेकिन धीरे-धीरे आंखों की नसों को नुकसान पहुंचता है और नजर हमेशा के लिए जा सकती है।

दिमाग और मानसिक सेहत पर असर

स्टेरॉयड दिमाग के रसायनों को भी प्रभावित करते हैं। इससे गुस्सा बढ़ना, चिड़चिड़ापन, नींद न आना, डिप्रेशन और कभी-कभी आत्महत्या जैसे ख्याल भी आ सकते हैं।

क्या सीख मिलती है?

स्टेरॉयड तभी लें जब डॉक्टर सलाह दे। जल्दी ठीक होने या बॉडी बनाने के चक्कर में इनका गलत इस्तेमाल भारी नुकसान पहुंचा सकता है। सेहत में शॉर्टकट अक्सर लंबा नुकसान देता है।

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