रतलाम जिले के सैलाना विधानसभा क्षेत्र के राजापुरा गांव में विधायक कमलेश्वर डोडियार और उनके समर्थकों ने सोमवार आधी रात को टंट्या मामा भील की प्रतिमा स्थापित कर दी। विधायक का आरोप है कि एसडीएम ने ग्राम सभा के प्रस्ताव को अवैध बताकर खारिज कर दिया था। इसके विरोध में विधायक खुद राजस्थान से मूर्ति लेकर आए और रात 2:30 बजे अपने समर्थकों के साथ मिलकर इसे स्थापित कर दिया। विधायक ने कहा कि पैसा (PESA) एक्ट 2022 के तहत यह हमारा अधिकार है। सैलाना विधानसभा के बाजना अंचल स्थित राजपुरा माताजी गांव में 12 जनवरी 2026 को ग्राम सभा ने टंट्या मामा की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव पारित किया था। सोमवार को ग्रामीण यह प्रस्ताव और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेकर एसडीएम तरुण जैन को सूचना देने पहुंचे। आरोप है कि एसडीएम ने पैसा नियम 2022 के विरुद्ध बताते हुए ग्राम सभा की कार्यवाही को अवैध करार दिया और पुरातत्व विभाग आदि से एनओसी लेने का सुझाव दिया। राजस्थान से लाए मूर्ति, रात में ही लगा दी एसडीएम के रवैये की जानकारी ग्रामीणों ने विधायक कमलेश्वर डोडियार को दी। इसके बाद विधायक खुद ग्रामीणों के साथ राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के तलवाड़ा पहुंचे। वहां से टंट्या मामा की प्रतिमा लेकर वे राजापुरा गांव आए और सोमवार देर रात करीब 2:30 बजे प्रतिमा स्थापित कर दी। विधायक बोले- पुलिस धमका रही थी आधी रात को प्रतिमा स्थापित करने के सवाल पर विधायक डोडियार ने कहा, “ग्रामीणों को लगातार पुलिस द्वारा धमकाया जा रहा था। चूंकि मैं तो विधायक हूं, लेकिन ग्रामवासियों में डर था। इसलिए मैंने साथ मौजूद रहकर प्रतिमा स्थापित कराई है।” उन्होंने कहा कि वे अनुसूचित क्षेत्र में पैसा नियम का एक-एक अक्षर लागू करेंगे और क्षेत्रवासियों को कानूनी रूप से जागरूक करेंगे ताकि राजनीति से प्रेरित कर्मचारियों के हस्तक्षेप को मिटाया जा सके। 25 जनवरी को होगा अनावरण विधायक ने बताया कि 25 जनवरी को प्रतिमा अनावरण और जनजागृति कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के ग्रामीणों से इसमें शामिल होने की अपील की है। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य शरद डोडियार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य कविता भगोरा, आदिवासी छात्र संगठन के पूर्व अध्यक्ष ध्यानवीर डामोर, जयस भील एकता मिशन के प्रदेश सचिव मांगू सिंह सिंगाड सहित कई लोग मौजूद रहे। SDM बोले- नियम बताए थे इस मामले में सैलाना एसडीएम तरुण जैन ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य शरद डोडियार आए थे। उन्हें मूर्ति स्थापित करने के लिए नजूल निर्वतन नियम से अवगत कराया गया है।


