नालंदा जिले के किसानों, पशुपालकों और मछली पालकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें अपनी समस्याओं के निदान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। शहर के अस्पताल चौराहे स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय परिसर में करीब 10 करोड़ 94 लाख की लागत से एक अत्याधुनिक जिला स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण होने जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास हो चुका है। मिट्टी परीक्षण का कार्य भी पूरा हो गया है। शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा भवन लगभग 203 फीट गुणा 167 फीट के क्षेत्रफल में निर्मित होने वाला यह दो मंजिला भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा। ग्राउंड फ्लोर पर एक ओर जिला पशुपालन विभाग का कार्यालय स्थापित होगा, जबकि दूसरी ओर एक विशाल प्रशिक्षण कक्ष का निर्माण किया जाएगा। फर्स्ट फ्लोर पर एक हिस्से में जिला मत्स्य विभाग और दूसरे हिस्से में गव्य विकास विभाग का कार्यालय संचालित होगा। भवन में समस्त आधुनिक सुविधाओं का प्रावधान रखा गया है। इसमें अधिकारियों के लिए पृथक कक्ष, कर्मचारियों के लिए केबिन, आगंतुकों के लिए प्रतीक्षालय, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था तथा प्रत्येक मंजिल पर शौचालय की सुविधा उपलब्ध होगी। प्रशिक्षण से होगा कौशल विकास इस केंद्र की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यहां स्थापित होने वाला आधुनिक प्रशिक्षण हॉल होगा। यहां नियमित अंतराल पर किसानों और पशुपालकों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, पशुओं की नस्ल सुधार एवं मत्स्य पालन की नवीनतम तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। एक ही स्थान पर तीनों विभागों के संचालन से लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करना अत्यंत सुगम हो जाएगा। यातायात की सुविधाएं भवन तक सुगम पहुंच के लिए मुख्य मार्ग से दो एप्रोच रोड का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, भवन के पश्चिम भाग में 16 फीट गुणा 155 फीट का छत युक्त पार्किंग क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जहां वाहनों की सुरक्षित पार्किंग की व्यवस्था होगी। पार्किंग क्षेत्र में सुरक्षा गार्ड के लिए कक्ष तथा चालकों के लिए विश्राम कक्ष भी बनाया जाएगा। मुख्यालय स्तर से निर्माण एजेंसी का चयन जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि मुख्यालय स्तर से निर्माण एजेंसी का चयन कर लिया गया है। निर्माण प्रारंभ करने से पूर्व मृदा परीक्षण का कार्य भी संपन्न हो चुका है। शीघ्र ही भवन निर्माण का कार्य आरंभ हो जाएगा। एक ही छत के नीचे तीनों विभागों के कार्यालय संचालित होने से किसानों एवं पशुपालकों को अत्यधिक सुविधा होगी और वे अपनी समस्याओं का त्वरित समाधान प्राप्त कर सकेंगे। नालंदा जिले के किसानों, पशुपालकों और मछली पालकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें अपनी समस्याओं के निदान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। शहर के अस्पताल चौराहे स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय परिसर में करीब 10 करोड़ 94 लाख की लागत से एक अत्याधुनिक जिला स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण होने जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास हो चुका है। मिट्टी परीक्षण का कार्य भी पूरा हो गया है। शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा भवन लगभग 203 फीट गुणा 167 फीट के क्षेत्रफल में निर्मित होने वाला यह दो मंजिला भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा। ग्राउंड फ्लोर पर एक ओर जिला पशुपालन विभाग का कार्यालय स्थापित होगा, जबकि दूसरी ओर एक विशाल प्रशिक्षण कक्ष का निर्माण किया जाएगा। फर्स्ट फ्लोर पर एक हिस्से में जिला मत्स्य विभाग और दूसरे हिस्से में गव्य विकास विभाग का कार्यालय संचालित होगा। भवन में समस्त आधुनिक सुविधाओं का प्रावधान रखा गया है। इसमें अधिकारियों के लिए पृथक कक्ष, कर्मचारियों के लिए केबिन, आगंतुकों के लिए प्रतीक्षालय, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था तथा प्रत्येक मंजिल पर शौचालय की सुविधा उपलब्ध होगी। प्रशिक्षण से होगा कौशल विकास इस केंद्र की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यहां स्थापित होने वाला आधुनिक प्रशिक्षण हॉल होगा। यहां नियमित अंतराल पर किसानों और पशुपालकों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, पशुओं की नस्ल सुधार एवं मत्स्य पालन की नवीनतम तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। एक ही स्थान पर तीनों विभागों के संचालन से लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करना अत्यंत सुगम हो जाएगा। यातायात की सुविधाएं भवन तक सुगम पहुंच के लिए मुख्य मार्ग से दो एप्रोच रोड का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, भवन के पश्चिम भाग में 16 फीट गुणा 155 फीट का छत युक्त पार्किंग क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जहां वाहनों की सुरक्षित पार्किंग की व्यवस्था होगी। पार्किंग क्षेत्र में सुरक्षा गार्ड के लिए कक्ष तथा चालकों के लिए विश्राम कक्ष भी बनाया जाएगा। मुख्यालय स्तर से निर्माण एजेंसी का चयन जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि मुख्यालय स्तर से निर्माण एजेंसी का चयन कर लिया गया है। निर्माण प्रारंभ करने से पूर्व मृदा परीक्षण का कार्य भी संपन्न हो चुका है। शीघ्र ही भवन निर्माण का कार्य आरंभ हो जाएगा। एक ही छत के नीचे तीनों विभागों के कार्यालय संचालित होने से किसानों एवं पशुपालकों को अत्यधिक सुविधा होगी और वे अपनी समस्याओं का त्वरित समाधान प्राप्त कर सकेंगे।


