भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से गुना के क्रांतिवीर तात्या टोपे यूनिवर्सिटी में चल रहे 5 दिवसीय जूनियर रेडक्रॉस शिविर का समापन हो गया। सोमवार देर शाम तक यहां कार्यक्रम चलते रहे। शिविर में प्रदेश के 28 जिलों के स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया। विभिन्न गतिविधियों और प्रतियोगिताओं में ग्वालियर संभाग ने पहला स्थान हासिल किया। यह शिविर 12 से 16 दिसंबर तक आयोजित किया गया। इसमें कुल 744 जूनियर छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इनके साथ 73 काउंसलर/ट्रेनर, 45 वालंटियर, 23 एडवेंचर वालंटियर, 26 होमगार्ड/आपदा प्रबंधन काउंसलर और 38 नगर निगम काउंसलर भी शामिल हुए। यूनिवर्सिटी के भी करीब 65 सदस्यों ने सहयोग दिया। शिविर में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत प्रदेश के 28 जिलों के प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पेंटिंग-डांस के साथ एडवेंचर एक्टिविटी 5 दिनों तक चले इस शिविर की थीम ‘राष्ट्रीय एकता, पर्यावरण जागरूकता एवं संरक्षण’ थी। छात्रों को पेंटिंग, फैंसी ड्रेस, नृत्य, गायन, निबंध और रंगोली जैसी प्रतियोगिताओं में हुनर दिखाने का मौका मिला। इसके अलावा छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान भी दिया गया। उन्हें फर्स्ट एड (प्राथमिक चिकित्सा), सीपीआर (CPR), आपदा प्रबंधन और एडवेंचर एक्टिविटीज की ट्रेनिंग दी गई। इसका उद्देश्य युवाओं में लीडरशिप और अनुशासन विकसित करना था। सिवनी को मिला तीसरा स्थान, जज और वीसी रहे मौजूद समापन समारोह में मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्रा थे, जबकि अध्यक्षता यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रो. डॉ. किशन यादव ने की। पुरस्कार वितरण में ग्वालियर संभाग को पहला, छिंदवाड़ा को दूसरा और सिवनी जिले को तीसरा स्थान मिला। अतिथियों ने कहा, “इस तरह के शिविर बच्चों में सेवा और मानवता की भावना मजबूत करते हैं। यहां मिली ट्रेनिंग भविष्य में आपदाओं के समय जरूरतमंदों की मदद करने में काम आएगी।” कार्यक्रम में रेडक्रॉस के स्टेट जनरल सेक्रेटरी रामेन्द्र सिंह समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।


