एक अप्रेल से पहले नहीं शुरू करें 10वीं और 12वीं की कक्षाएं

एक अप्रेल से पहले नहीं शुरू करें 10वीं और 12वीं की कक्षाएं

सीबीएसइ ने अपने संबद्ध स्कूलों को चेताया

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसइ) ने कर्नाटक Karnataka के अपने संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे कक्षा 10 और 12 की शैक्षणिक सत्र की कक्षाएं 1 अप्रेल से पहले शुरू न करें।

सीबीएसइ के बेंगलूरु क्षेत्रीय कार्यालय ने निर्देश जारी कर स्पष्ट किया है कि उसका आधिकारिक शैक्षणिक सत्र 1 अप्रेल से 31 मार्च तक चलता है और सभी संबद्ध स्कूलों को इसी कैलेंडर का पालन करना अनिवार्य है। हाल के वर्षों में कुछ स्कूल बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए कक्षा 10 और 12 की पढ़ाई फरवरी या मार्च में ही शुरू कर देते थे।

विद्यार्थियों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है

सीबीएसइ CBSE के अनुसार, समय से पहले कक्षाएं शुरू करने से शैक्षणिक सत्र का संतुलन बिगड़ता है और विद्यार्थियों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। बोर्ड का कहना है कि सिलेबस को जल्दबाजी में पूरा करने की प्रवृत्ति से छात्रों में तनाव बढ़ सकता है और उन्हें पुनरावृत्ति व सह-पाठयक्रम गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता।कुछ स्कूलों ने दलील दी है कि दक्षिण भारत में अप्रेल और मई की गर्मी के कारण पढ़ाई प्रभावित होती है और यदि सत्र देर से शुरू होगा तो बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए समय कम पड़ सकता है। हालांकि, सीबीएसइ ने स्पष्ट किया है कि सभी स्कूलों को निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर का सख्ती से पालन करना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *