मधुबनी जिले में इंडो-नेपाल सीमा पर तैनात 48वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने सोमवार को एक नागरिक चिकित्सा कार्यक्रम (MCA) का आयोजन किया। हरलाखी प्रखंड स्थित डी समवाय गंगौर की बाह्य सीमा चौकी अखराघाट द्वारा सहारघाट में दिन भर आयोजित इस शिविर में कुल 83 ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना था। शिविर में 6 बच्चे, 31 महिलाएं और 46 पुरुष शामिल थे। सभी लाभार्थियों को आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं और उपस्थित चिकित्सकों ने स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श प्रदान किए। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक की मदद स्थानीय ग्रामीणों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की और पूर्ण सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम के सफल संचालन, समन्वय और व्यवस्थापन के लिए एसएसबी के कार्मिक सक्रिय रूप से तैनात रहे। उन्होंने चिकित्सा दल के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 48वीं वाहिनी के कमांडेंट श्री गोविन्द सिंह भण्डारी ने इस अवसर पर कहा कि सशस्त्र सीमा बल सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति सदैव प्रतिबद्ध है। जनता के बीच सहयोग-सकारात्मक को करती है सुदृढ़ उन्होंने बताया कि ऐसे नागरिक चिकित्सा कार्यक्रम न केवल ग्रामीणों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं, बल्कि सुरक्षा बल और स्थानीय जनता के बीच विश्वास, सहयोग और सकारात्मक संबंधों को भी सुदृढ़ करते हैं। कमांडेंट भण्डारी ने भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रमों के नियमित आयोजन का आश्वासन दिया। यह कार्यक्रम पूर्णतः शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मधुबनी जिले में इंडो-नेपाल सीमा पर तैनात 48वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने सोमवार को एक नागरिक चिकित्सा कार्यक्रम (MCA) का आयोजन किया। हरलाखी प्रखंड स्थित डी समवाय गंगौर की बाह्य सीमा चौकी अखराघाट द्वारा सहारघाट में दिन भर आयोजित इस शिविर में कुल 83 ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना था। शिविर में 6 बच्चे, 31 महिलाएं और 46 पुरुष शामिल थे। सभी लाभार्थियों को आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं और उपस्थित चिकित्सकों ने स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श प्रदान किए। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक की मदद स्थानीय ग्रामीणों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की और पूर्ण सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम के सफल संचालन, समन्वय और व्यवस्थापन के लिए एसएसबी के कार्मिक सक्रिय रूप से तैनात रहे। उन्होंने चिकित्सा दल के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 48वीं वाहिनी के कमांडेंट श्री गोविन्द सिंह भण्डारी ने इस अवसर पर कहा कि सशस्त्र सीमा बल सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति सदैव प्रतिबद्ध है। जनता के बीच सहयोग-सकारात्मक को करती है सुदृढ़ उन्होंने बताया कि ऐसे नागरिक चिकित्सा कार्यक्रम न केवल ग्रामीणों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं, बल्कि सुरक्षा बल और स्थानीय जनता के बीच विश्वास, सहयोग और सकारात्मक संबंधों को भी सुदृढ़ करते हैं। कमांडेंट भण्डारी ने भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रमों के नियमित आयोजन का आश्वासन दिया। यह कार्यक्रम पूर्णतः शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


