मां की हत्या के बाद बेचैनी से गुजरे 5 दिन:फंसने के डर से तेरहवीं का इंतजार नहीं किया; इंग्लैंड लौटने के बहाने करनाल में छिपा रहा

मां की हत्या के बाद बेचैनी से गुजरे 5 दिन:फंसने के डर से तेरहवीं का इंतजार नहीं किया; इंग्लैंड लौटने के बहाने करनाल में छिपा रहा

यमुनानगर में मां बलजिंद्र कौर के मर्डर केस में अरेस्ट बेटे गोमित राठी ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए। गर्लफ्रेंड से शादी करने में बाधा बनी मां बलजिंद्र कौर की हत्या के बाद गोमित इंग्लैंड लौट जाने की जल्दी में था। उसे फंसने का डर था। पुलिस की जांच तेज हुई तो वो 5 दिन बेचैन रहा। उसने मां की तेरहवीं की रस्म का भी इंतजार नहीं किया। मौत के पांचवें दिन यह कहकर दोस्त पंकज के साथ घर से निकल गया कि फ्लाइट है। हालांकि वो करनाल में पीजी में छिप गया। उसे वापसी की टिकट का इंतजार था। उसके बाद वह इंग्लैंड भाग जाता। जब तक वो साढौरा के गांव श्यामपुर में अपने घर पर रहा, परिजनों और ग्रामीणों के सामने रोने-धोने और सदमे में होने का नाटक करता रहा, ताकि किसी को उस पर शक न हो। परिवार और आसपास के लोग उसे एक दुखी बेटे के रूप में ही देखते रहे। इस मामले में गोमित के अलावा उसका दोस्त पंकज भी 4 दिन के पुलिस रिमांड पर है। अब जानिए, कैसे 5 दिन डर में बीते, बेनकाब होने का खतरा था… अब जानिए, कैसे खुला मर्डर केस का राज… जानिए, मां की हत्या की पूरी साजिश कैसे और क्यों रची गई… हत्या को हादसा दिखाने की योजना थी
श्यामपुर गांव में सरपंच जसबीर सिंह की पत्नी बलजिंद्र कौर की हत्या का मामला 24 दिसंबर 2025 को सामने आया। जब उसका शव घर के पशु-बाड़े में बने पानी के हौद में मिला। शव की हालत संदिग्ध थी। सिर पानी में डूबा, शरीर बाहर था। माथे पर चोट के निशान ते और चूड़ियां टूटी मिली। जांच में पता चला कि बलजिंद्र कौर अपने बेटे गोमित राठी की लव मैरिज के खिलाफ थीं। इसी विवाद के चलते करीब दो साल पहले परिवार ने गोमित को स्टडी वीजा पर इंग्लैंड भेज दिया था, लेकिन वह मन में रंजिश पालता रहा। कत्ल के लिए पशुओं के बाड़े में पहले से छिप गया गोमित
पुलिस के अनुसार, गोमित 18 दिसंबर को चुपचाप इंग्लैंड से भारत लौटा और अपने दोस्त पंकज की मदद से करनाल में PG लेकर छिप गया। 24 दिसंबर की शाम वह गांव श्यामपुर पहुंचा और पशु-बाड़े में लाइटें बंद करके अंधेरे में छिपकर बैठ गया। जैसे ही बलजिंद्र कौर पशुओं को चारा डालने आईं, गोमित ने पहले डंडे से वार किया, फिर गला दबाकर उनकी हत्या कर दी और शव को हौद में डाल दिया। वारदात के बाद वह रात में ही करनाल लौट गया और परिवार को यह दिखाता रहा कि वह अभी भी इंग्लैंड में है। रोने का दिखावा कर दी मां को मुखाग्नि
वारदात की देर रात जब बलजिंद्र कौर घर नहीं लौटीं, तो परिजनों ने तलाश की और हौद में शव मिला। 25 दिसंबर की सुबह परिवार ने गोमित को फोन कर मौत की सूचना दी, जिस पर उसने इंग्लैंड से भारत आने का नाटक किया। 26 दिसंबर को वह पहले से दिल्ली में मौजूद था, रिश्तेदारों के सामने रोने का दिखावा किया, गांव आकर अंतिम संस्कार में शामिल हुआ और खुद ही मां को मुखाग्नि दी। हालांकि, परिजनों को शुरू से ही हत्या की आशंका थी। 29 दिसंबर को उन्होंने एसपी से मिलकर SIT जांच की मांग की। जांच में मोबाइल लोकेशन, घटनास्थल के साक्ष्य और पारिवारिक विवाद सामने आए, जिसके बाद कड़ियां जुड़ती चली गईं और गोमित की साजिश बेनकाब हुई। अब गोमित व उसका दोस्त पंकज 4 दिन के पुलिस रिमांड पर हैं।

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