‘होली खेले रघुवीरा’… पर झूमें दर्शक:सहरसा के बनगांव में तीन दिवसीय होली महोत्सव शुरू, प्रशासन अलर्ट

‘होली खेले रघुवीरा’… पर झूमें दर्शक:सहरसा के बनगांव में तीन दिवसीय होली महोत्सव शुरू, प्रशासन अलर्ट

सहरसा के बनगांव में तीन दिवसीय होली महोत्सव का शुभारंभ उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। महोत्सव के पहले दिन लोकगायिका देवी की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शाम ढलते ही कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े, जिनमें युवा, बुजुर्ग और महिलाएं शामिल थीं। मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर कलाकार का बढ़ाया उत्साह लोकगायिका देवी के मंच पर आते ही पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने पारंपरिक होली गीतों और लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिस पर दर्शक झूम उठे। “फगुआ में रंग बरसे” और “होली खेले रघुवीरा” जैसे गीतों पर लोग थिरकते दिखे। दर्शकों ने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर कलाकार का उत्साह बढ़ाया, जिससे पूरा वातावरण रोशन हो गया। महोत्सव समिति के सदस्यों ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देना है। तीन दिवसीय इस महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, रंगारंग प्रस्तुतियां और स्थानीय कलाकारों की भागीदारी होगी। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि लोग सुरक्षित माहौल में उत्सव का आनंद ले सकें। पंडाल रोशनी और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया कार्यक्रम स्थल को आकर्षक रोशनी और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया था। बच्चों के लिए झूले और खानपान के कई स्टॉल भी लगाए गए हैं, जिससे मेले जैसा माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ऐसे आयोजनों से त्योहार की रौनक बढ़ती है और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत होती है। पहले दिन की शानदार शुरुआत के बाद, अब लोगों को अगले दो दिनों के कार्यक्रमों का बेसब्री से इंतजार है। बनगाँव का यह होली महोत्सव पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। सहरसा के बनगांव में तीन दिवसीय होली महोत्सव का शुभारंभ उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। महोत्सव के पहले दिन लोकगायिका देवी की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शाम ढलते ही कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े, जिनमें युवा, बुजुर्ग और महिलाएं शामिल थीं। मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर कलाकार का बढ़ाया उत्साह लोकगायिका देवी के मंच पर आते ही पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने पारंपरिक होली गीतों और लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिस पर दर्शक झूम उठे। “फगुआ में रंग बरसे” और “होली खेले रघुवीरा” जैसे गीतों पर लोग थिरकते दिखे। दर्शकों ने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर कलाकार का उत्साह बढ़ाया, जिससे पूरा वातावरण रोशन हो गया। महोत्सव समिति के सदस्यों ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देना है। तीन दिवसीय इस महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, रंगारंग प्रस्तुतियां और स्थानीय कलाकारों की भागीदारी होगी। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि लोग सुरक्षित माहौल में उत्सव का आनंद ले सकें। पंडाल रोशनी और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया कार्यक्रम स्थल को आकर्षक रोशनी और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया था। बच्चों के लिए झूले और खानपान के कई स्टॉल भी लगाए गए हैं, जिससे मेले जैसा माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ऐसे आयोजनों से त्योहार की रौनक बढ़ती है और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत होती है। पहले दिन की शानदार शुरुआत के बाद, अब लोगों को अगले दो दिनों के कार्यक्रमों का बेसब्री से इंतजार है। बनगाँव का यह होली महोत्सव पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।  

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