अररिया के विश्व प्रसिद्ध मां खड्गेश्वरी महाकाली सह बाबा खड्गेश्वरनाथ शिव मंदिर में महाशिवरात्रि का उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। एशिया के सबसे ऊंचे काली मंदिरों में शुमार यह मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है। रविवार को महाशिवरात्रि पर यहां चार प्रहर की विशेष पूजा का आयोजन होगा। मंदिर को भव्य सजावट से सजाया जा रहा है, जिससे पूरा परिसर दिव्य आभा से जगमगा उठेगा। मां खड्गेश्वरी महाकाली के प्रमुख साधक नानू बाबा ने बताया कि महाशिवरात्रि की रात्रि में बाबा खड्गेश्वरनाथ का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। इसके साथ ही रात भर जागरण का भव्य आयोजन होगा, जिसमें अररिया जिले के प्रसिद्ध गायक और कलाकार भजन-कीर्तन प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान पूरा वातावरण शिवमय हो जाएगा। 4 प्रहर की पूजा का शेडयूल जारी चार प्रहर की पूजा का क्रम इस प्रकार रहेगा: पहला प्रहर रात्रि 10 बजे कच्चे दूध से अभिषेक, दूसरा प्रहर रात्रि 12 बजे दही से स्नान, तीसरा प्रहर रात्रि 2 बजे शुद्ध घी से पूजन और चौथा प्रहर सुबह 4 बजे मधु (शहद) से अभिषेक। पूजा के बाद आरती और पुष्पांजलि होगी। भक्त दूध, दही, घी, मधु आदि सामग्री चढ़ाते हैं और अपना नाम लिखकर देते हैं। इन सामग्रियों से नाम-विशेष संकल्प के साथ बाबा खड्गेश्वरनाथ महादेव की पूजा-अर्चना की जाती है, जिसे मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए फलदायी माना जाता है। प्रशासन और भक्तों ने तैयारियां की पूरी मंदिर परिसर में मां काली और बाबा शिव की जोड़ी भक्तों को अद्भुत शक्ति प्रदान करती है, जहां हजारों श्रद्धालु दर्शनार्थ पहुंचते हैं। मंदिर प्रशासन और भक्तों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। भक्तों से अपील की गई है कि वे मंदिर नियमों का पालन करते हुए इस पावन अवसर का लाभ उठाएं। अररिया के विश्व प्रसिद्ध मां खड्गेश्वरी महाकाली सह बाबा खड्गेश्वरनाथ शिव मंदिर में महाशिवरात्रि का उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। एशिया के सबसे ऊंचे काली मंदिरों में शुमार यह मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है। रविवार को महाशिवरात्रि पर यहां चार प्रहर की विशेष पूजा का आयोजन होगा। मंदिर को भव्य सजावट से सजाया जा रहा है, जिससे पूरा परिसर दिव्य आभा से जगमगा उठेगा। मां खड्गेश्वरी महाकाली के प्रमुख साधक नानू बाबा ने बताया कि महाशिवरात्रि की रात्रि में बाबा खड्गेश्वरनाथ का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। इसके साथ ही रात भर जागरण का भव्य आयोजन होगा, जिसमें अररिया जिले के प्रसिद्ध गायक और कलाकार भजन-कीर्तन प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान पूरा वातावरण शिवमय हो जाएगा। 4 प्रहर की पूजा का शेडयूल जारी चार प्रहर की पूजा का क्रम इस प्रकार रहेगा: पहला प्रहर रात्रि 10 बजे कच्चे दूध से अभिषेक, दूसरा प्रहर रात्रि 12 बजे दही से स्नान, तीसरा प्रहर रात्रि 2 बजे शुद्ध घी से पूजन और चौथा प्रहर सुबह 4 बजे मधु (शहद) से अभिषेक। पूजा के बाद आरती और पुष्पांजलि होगी। भक्त दूध, दही, घी, मधु आदि सामग्री चढ़ाते हैं और अपना नाम लिखकर देते हैं। इन सामग्रियों से नाम-विशेष संकल्प के साथ बाबा खड्गेश्वरनाथ महादेव की पूजा-अर्चना की जाती है, जिसे मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए फलदायी माना जाता है। प्रशासन और भक्तों ने तैयारियां की पूरी मंदिर परिसर में मां काली और बाबा शिव की जोड़ी भक्तों को अद्भुत शक्ति प्रदान करती है, जहां हजारों श्रद्धालु दर्शनार्थ पहुंचते हैं। मंदिर प्रशासन और भक्तों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। भक्तों से अपील की गई है कि वे मंदिर नियमों का पालन करते हुए इस पावन अवसर का लाभ उठाएं।


