Special Train : पश्चिम रेलवे की ओर से गुजरात के सांसदों की मांग पर शुरू की गई असारवा-आगरा कैंट स्पेशल ट्रेन के नियमित संचालन को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है। एक मार्च से एक माह के ट्रायल पर शुरू हुई इस ट्रेन की अनुमति 31 मार्च को समाप्त हो रही थी, जिसे अच्छे ट्रैफिक और यात्रियों की भारी बुकिंग को देखते हुए रेलवे ने फिलहाल 6 अप्रेल तक अस्थायी तौर पर बढ़ा दिया है।
अब रेलवे अधिकारी इस सेवा को स्थायी करने के प्रयासों में जुट गए हैं। यह ट्रेन गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण लिंक बन चुकी है। यदि 6 अप्रेल तक दिल्ली रेलवे मंत्रालय से हरी झंडी नहीं मिलती है, तो इस सेवा के बंद होने का संकट खड़ा हो सकता है। वर्तमान में डूंगरपुर से वंदे भारत सहित कुल 14 ट्रेनों का संचालन हो रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश के लिए यह पहली सीधी ट्रेन है।
ट्रेन का समय और शेड्यूल (सप्ताह में 5 दिन)
आगरा कैंट से असारवा (01919) :
दिन: सोमवार और मंगलवार को छोड़कर शेष 5 दिन।
रवानगी: आगरा कैंट से शाम 6.10 बजे।
डूंगरपुर आगमन: अगले दिन सुबह 7.25 बजे (5 मिनट का ठहराव)।
असारवा आगमन: सुबह 11.10 बजे।
असारवा से आगरा कैंट (01920) :
दिन : मंगलवार और बुधवार को छोड़कर शेष 5 दिन।
रवानगी : असारवा से दोपहर 2.50 बजे।
डूंगरपुर आगमन: शाम 5.25 बजे।
आगरा कैंट आगमन : अगले दिन सुबह 7.45 बजे।
मुख्य ठहराव : उदयपुर, जावर, सेमारी, मांडलगढ़, बूंदी, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी और फतेहपुर सीकरी।
व्यापार और पर्यटन को मिल रहा बढ़ावा
डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिले के बड़ी संख्या में लोग व्यापार के सिलसिले में उत्तर प्रदेश और दिल्ली की ओर यात्रा करते हैं। आगरा के लिए सीधी सेवा मिलने से स्थानीय व्यापारियों और आम जनता को बड़ी राहत मिली है। पिछले एक महीने के आंकड़े बताते हैं कि इस रूट पर यात्रियों की डिमांड उम्मीद से कहीं अधिक रही है।
ट्रेन को स्थायी परमिट दिलाने के लिए स्थानीय सांसदों और जनप्रतिनिधियों का दबाव काम आ सकता है। रेल अधिकारियों ने संचालन को नियमित रखने के लिए मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है।
रेल मंत्रालय को लिखा जा रहा है पत्र
इस ट्रेन को नियमित रूप से संचालित रखने के लिए रेल मंत्रालय को पत्र लिखा जा रहा है। समय सारणी के आधार पर शेड्यूल सेट कर इसे जल्द ही स्थायी ट्रेन के रूप में शुरू करवाया जाएगा।
मन्नालाल रावत, सांसद, उदयपुर


