किशनगंज एसडीपीओ गौतम कुमार और जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने बेलवा में अवैध मिट्टी और बालू खनन पर छापेमारी की। यह कार्रवाई ओद्राघाट पूल और टेंगरमारी पूल के बीच के क्षेत्र में की गई। छापेमारी के दौरान, अवैध रूप से बालू का उत्खनन कर रही कई नावें पकड़ी गईं। अवैध खनन में इस्तेमाल की जा रही इन नावों को जब्त कर नष्ट कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, यह अवैध खनन कार्य कई महीनों से धड़ल्ले से चल रहा था। खनन माफियाओं ने सरकारी जमीन से जेसीबी लगाकर हजारों ट्रॉली मिट्टी काटकर बेची थी, जिसकी प्रशासन को पहले भनक तक नहीं लगी थी। नदी के किनारे बड़े पैमाने पर हुई मिट्टी कटाई से भविष्य में नदी का रुख बदलने का खतरा है। यदि नदी अपना रास्ता बदलती है, तो कई गांव इसकी चपेट में आ सकते हैं। इसके अलावा, खनन स्थल के दोनों ओर बने पुलों को भी नुकसान पहुंचने का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन द्वारा इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। किशनगंज एसडीपीओ गौतम कुमार और जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने बेलवा में अवैध मिट्टी और बालू खनन पर छापेमारी की। यह कार्रवाई ओद्राघाट पूल और टेंगरमारी पूल के बीच के क्षेत्र में की गई। छापेमारी के दौरान, अवैध रूप से बालू का उत्खनन कर रही कई नावें पकड़ी गईं। अवैध खनन में इस्तेमाल की जा रही इन नावों को जब्त कर नष्ट कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, यह अवैध खनन कार्य कई महीनों से धड़ल्ले से चल रहा था। खनन माफियाओं ने सरकारी जमीन से जेसीबी लगाकर हजारों ट्रॉली मिट्टी काटकर बेची थी, जिसकी प्रशासन को पहले भनक तक नहीं लगी थी। नदी के किनारे बड़े पैमाने पर हुई मिट्टी कटाई से भविष्य में नदी का रुख बदलने का खतरा है। यदि नदी अपना रास्ता बदलती है, तो कई गांव इसकी चपेट में आ सकते हैं। इसके अलावा, खनन स्थल के दोनों ओर बने पुलों को भी नुकसान पहुंचने का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन द्वारा इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।


