भास्कर न्यूज| अररिया बसंत नवरात्र के अवसर पर प्रसिद्ध मां खड्गेश्वरी महाकाली मंदिर में पहले दिन से ही विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर पूजा में भाग ले रहे हैं। खासकर महिला भक्तों की भागीदारी काफी उत्साहजनक देखी जा रही है। मां खड्गेश्वरी के साधक नानू बाबा ने बताया कि नवरात्र के प्रथम दिन से ही मंदिर में नियमित रूप से विशेष पूजा-अर्चना और पुष्पांजलि का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को रामनवमी पर मंदिर में विशेष महाभोग का आयोजन किया जाएगा। नानू बाबा ने बताया कि नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। इस दिन साधक अपने मन को मां के चरणों में समर्पित करते हैं। ‘ब्रह्म’ का अर्थ तपस्या और ‘चारिणी’ का अर्थ आचरण करने वाली होता है, यानी ब्रह्मचारिणी वह देवी हैं जो तप का आचरण करती हैं। उनके दाहिने हाथ में जपमाला और बाएं हाथ में कमंडल होता है। यह जानकारी भविष्य पुराण में भी वर्णित है। नवरात्र के नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इसी क्रम में शुक्रवार को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की गई, जबकि शनिवार को मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी। नवरात्र को लेकर चल रहे इस धार्मिक आयोजन में अरुण मिश्रा, शशिकांत दुबे, राम जिनिस पासवान, शंकर माली, किशन भगत, दिलीप स्वर्णकार, रोशन कुमार, गुड्डू सिंह, विकास सिंह, राजू पासवान, सूरज यादव, धर्मेंद्र कुमार, हीरा सहित कई श्रद्धालु सक्रिय भूमिका निभा रहे। भास्कर न्यूज| अररिया बसंत नवरात्र के अवसर पर प्रसिद्ध मां खड्गेश्वरी महाकाली मंदिर में पहले दिन से ही विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर पूजा में भाग ले रहे हैं। खासकर महिला भक्तों की भागीदारी काफी उत्साहजनक देखी जा रही है। मां खड्गेश्वरी के साधक नानू बाबा ने बताया कि नवरात्र के प्रथम दिन से ही मंदिर में नियमित रूप से विशेष पूजा-अर्चना और पुष्पांजलि का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को रामनवमी पर मंदिर में विशेष महाभोग का आयोजन किया जाएगा। नानू बाबा ने बताया कि नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। इस दिन साधक अपने मन को मां के चरणों में समर्पित करते हैं। ‘ब्रह्म’ का अर्थ तपस्या और ‘चारिणी’ का अर्थ आचरण करने वाली होता है, यानी ब्रह्मचारिणी वह देवी हैं जो तप का आचरण करती हैं। उनके दाहिने हाथ में जपमाला और बाएं हाथ में कमंडल होता है। यह जानकारी भविष्य पुराण में भी वर्णित है। नवरात्र के नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इसी क्रम में शुक्रवार को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की गई, जबकि शनिवार को मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी। नवरात्र को लेकर चल रहे इस धार्मिक आयोजन में अरुण मिश्रा, शशिकांत दुबे, राम जिनिस पासवान, शंकर माली, किशन भगत, दिलीप स्वर्णकार, रोशन कुमार, गुड्डू सिंह, विकास सिंह, राजू पासवान, सूरज यादव, धर्मेंद्र कुमार, हीरा सहित कई श्रद्धालु सक्रिय भूमिका निभा रहे।


