समाजवादी पार्टी के विधायक इकबाल महमूद ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रयागराज प्रशासन के बीच विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखे आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पहले मुसलमानों को निशाना बना रही थी। अब अपने ही समुदाय के प्रतिष्ठित शंकराचार्यों पर पाबंदी और प्रताड़ना कर रही है। मंगलवार को थाना रायसत्ती क्षेत्र स्थित अपने आवास पर महमूद ने आरोप लगाया कि प्रशासन शंकराचार्यों के साथ बदतमीजी कर रहा है और उनके धार्मिक आस्था के प्रतीक चोटी को पकड़कर खींचा जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि धार्मिक लोगों के साथ ऐसा व्यवहार न धर्म के लिहाज से सही है और न ही राजनीति के आधार पर। विधायक ने कहा कि शंकराचार्यों का समाज में अत्यधिक मान-सम्मान है और उनके करोड़ों अनुयायी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि धार्मिक मामलों में प्रशासन का हस्तक्षेप न किया जाए। महमूद ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे का भी जिक्र किया और चेताया कि यदि यही रवैया जारी रहा, तो उच्च जाति के प्रशासनिक अधिकारी भी इस्तीफा देने लगेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकांश शंकराचार्य इस मुद्दे पर उनके साथ खड़े हैं और उनका समर्थन कर रहे हैं। गौरतलब है कि सोमवार को सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने भी इसी विवाद पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि पहले मुसलमान और मुस्लिम धर्मगुरुओं पर अत्याचार हो रहा था, अब हिंदू समाज के शंकराचार्य भी निशाने पर हैं।


