वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए आम बजट को लेकर औरैया जिले में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कृषि प्रधान जिला होने के कारण यहां के किसानों, युवाओं और व्यापारियों की नजरें बजट पर टिकी थीं। जिले के विभिन्न राजनीतिक दलों ने बजट पर अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) के जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने बजट को ‘चुनावी स्टंट’ करार दिया। उन्होंने कहा कि इस बजट से आम जनमानस, किसान, बेरोजगार और सरकारी कर्मचारी पूरी तरह निराश हैं। गौतम के अनुसार, यह बजट केवल लोगों को लुभाने के लिए है और इससे आम जनता को कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने इसे महंगाई बढ़ाने वाला और आम आदमी की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला बताया। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अंशु तिवारी ने बजट को ‘छलावा’ बताया। उन्होंने कहा कि इसमें शिक्षा और चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सरिता दोहरे ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि बजट से स्पष्ट है कि सरकार की प्राथमिकताएं आम जनता नहीं, बल्कि कुछ चुनिंदा कॉरपोरेट हित हैं। उन्होंने इसे गरीब-विरोधी, मजदूर-विरोधी, किसान-विरोधी और युवा-विरोधी करार दिया। दोहरे ने आरोप लगाया कि महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर कोई ठोस राहत नहीं दी गई है, और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए आवंटन भी अपर्याप्त है। वहीं, सत्ताधारी दल भाजपा के जिलाध्यक्ष सर्वेश कठेरिया ने बजट को ‘जनहितकारी’ बताया। उन्होंने कहा कि यह एक समावेशी बजट है, जिसमें किसानों और नौजवानों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। कठेरिया ने जोर दिया कि बजट में किसानों की आय बढ़ाने का भी जिक्र है और यह आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए पूरी तरह से उचित है। केंद्रीय आम बजट के प्रावधान अगर धरातल पर उतरे तो औरैया जनपद के बीहड़ी क्षेत्र में विशेष कर यमुना पट्टी के 200 से अधिक गांवों में पशुपालन और कृषि के प्राकृतिक तौर तरीकों से जुड़कर जिले के लोग आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़कर ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिकी को मजबूत कर सकते हैं। वित्त मंत्री ने बजट में पशुपालन के लिए ऋण पर सब्सिडी, किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लिए ट्रेनिंग सेंटर खोले जाने की बात कही है। कुल मिलाकर बजट युवाओं और किसानों पर फोकस्ड है। आम बजट की बात करें तो जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनेंगे। जिला अस्पताल में इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर खोलकर अस्पताल की कैपेसिटी 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ाए जाने की बात कही गई है। यह ऐसी घोषणाएं हैं जिससे औरैया जिले को भी लाभ हो सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रील बनाकर अपलोड करने वालों के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। देश भर के 15000 से अधिक स्कूल कॉलेजों में युवाओं को रेल बनाना सीखने के लिए कंटेंट क्रिएशन लैब खोली जाएगी। औरैया जिले में भी बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया पर रील बनाकर अपलोड कर हर माह लाखों रुपए कमा रहे हैं। इनमें अरियारी की शिवानी कुमारी का नाम भी प्रमुख है। जाहिर है इससे नए उभरते मीडिया इनफ्लुएंसर लाभान्वित होंगे। जिले का यमुना तटवर्ती बड़ा क्षेत्र पशुपालन के लिए काफी मुफीद माना जा सकता है। पहले से ही औरैया जिले में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट स्कीम में यहां के घी को पहले से ही शामिल किया गया है। पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी के ऐलान से क्षेत्र के बहुसंख्यक लोग पशुपालन से जुड़कर आर्थिक संबल प्राप्त कर सकते हैं। प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए किसानों को ट्रेनिंग दी जाएगी इसका भी फायदा अब तक परंपरागत खेती ही कर रहे जिले के किसान उठा सकते हैं। तेजी से बढ़ते कैंसर रोग से जुड़ी दवाओं के दाम घटने से कैंसर पीड़ितों को राहत मिलेगी और उनका उपचार आसान होगा। लखपति दीदी प्रोग्राम महिलाओं के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। जिले के कस्बा फफूंद और दयाल नगर के हथकरघा उद्योग से जुड़े बुनकरों और कारीगरों को भी इस बजट से राहत मिल सकती है। सरकार ने बुनकरों और कारीगरों की मदद के लिए हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम ले जाने की घोषणा की है। व्यापारियों का मानना है कि एमएसएमई में सरकारी खरीद को बढ़ाए जाने की घोषणा से छोटे उद्योगों की मदद हो सकती है। घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने तथा मोबाइल एवं ईवी स्कूटर,कारें और सोलर से जुड़ी चीजों के सस्ते होने से बाजार में कारोबार में उछाल सकता है।


