गौतम गंभीर पर दक्षिण अफ्रीकी कप्तान तेम्बा बावुमा का चौंकाने वाला बयान, कहा – उन्हें टेस्ट क्रिकेट से हटा देना…

गौतम गंभीर पर दक्षिण अफ्रीकी कप्तान तेम्बा बावुमा का चौंकाने वाला बयान, कहा – उन्हें टेस्ट क्रिकेट से हटा देना…

Temba Bavuma on Gautam Gambhir: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच नवम्बर 2025 में खेली गई दो मैचों की टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था। यह भारत की अपने घर पर 12 महीनों में दूसरी सीरीज हार थी। इस हार के बाद टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की अप्रोच पर सवाल उठने लगे। अब दक्षिण अफ्रीकी टेस्ट टीम के कप्तान टेम्बा बावुमा ने गंभीर को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

टेस्ट क्रिकेट में गंभीर पर दवाब है

बावुमा का मानना है कि भारतीय टेस्ट टीम के बदलाव के दौर से गुजरने के बीच हेड कोच गौतम गंभीर पर दबाव बढ़ना तय है। बावुमा ने कहा कि हालांकि रेड-बॉल क्रिकेट में भारत को स्थिर करने की चुनौती गंभीर के सामने होगी, लेकिन व्हाइट-बॉल फॉर्मेट में टीम के अच्छे नतीजे उन्हें कुछ वक्त ज़रूर दिला सकते हैं। नवंबर में भारत के खिलाफ 2-0 से ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज़ जीतने वाले बावुमा ने यह भी माना कि वनडे क्रिकेट में भारत अब भी बेहद मज़बूत है, खासकर तब जब रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं।

कोहली और रोहित ने वनडे में किया शानदार प्रदर्शन

टेस्ट सीरीज़ गंवाने के बाद भारत ने घरेलू मैदान पर व्हाइट-बॉल मुकाबलों में दमदार वापसी की। भारत ने वनडे सीरीज़ में दक्षिण अफ्रीका को 2-1 से हराया, जहां कोहली और रोहित ने शतकों और अर्धशतकों की झड़ी लगा दी। इसके बाद सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टी20 टीम ने टी20 सीरीज़ 3-1 से अपने नाम की।

भारत फिलहाल एक ट्रांज़िशन फेज़ में

ईएसपीएनक्रिकइन्फो के लिए लिखे अपने कॉलम में बावुमा ने लिखा, “आपने देखा कि वनडे क्रिकेट में भारत ने विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे अपने दो दिग्गजों के साथ कितना शानदार प्रदर्शन किया, जबकि टेस्ट क्रिकेट से ये दोनों संन्यास ले चुके हैं। रेड-बॉल क्रिकेट की बात करें तो भारत फिलहाल एक ट्रांज़िशन फेज़ में है।”

उन्होंने आगे कहा, “भारत के कोच गौतम गंभीर के कंधों पर काफी दबाव है और उन्हें हालात के अनुसार खुद को ढालना होगा। रेड-बॉल क्रिकेट में उन्हें खुद के लिए समय निकालना होगा और मेरा मानना है कि व्हाइट-बॉल क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन इसमें उनकी मदद कर सकते हैं।”

रो-को के रहते वनडे में गंभीर सुरक्षित रहेंगे

बावुमा ने साफ़ तौर पर कहा कि टेस्ट क्रिकेट में गंभीर की टीम को आने वाले समय में कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी, क्योंकि प्लेइंग इलेवन में कई स्थान अभी भी पक्के नहीं हैं। हालांकि, 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक अगर कोहली और रोहित टीम के साथ बने रहते हैं, तो इससे गंभीर पर से दबाव काफी हद तक कम होगा।

उन्होंने लिखा, “वनडे में कोहली और रोहित स्वाभाविक तौर पर प्रदर्शन और नेतृत्व, दोनों मोर्चों पर ज़्यादा ज़िम्मेदारी संभालेंगे। ऐसे में मुझे लगता है कि गंभीर की स्थिति सुरक्षित रहेगी। लेकिन रेड-बॉल क्रिकेट के लिहाज़ से आने वाला वक्त इस भारतीय टीम के लिए आसान नहीं होने वाला है।”

अलग-अलग फॉर्मेट में अलग कोच सही नहीं

बावुमा ने भारत के लिए अलग-अलग फॉर्मेट में अलग कोच रखने के विचार को भी खारिज किया। उनका मानना है कि बीसीसीआई के ‘सूट पहनने वाले लोग’ (प्रशासन) ने गंभीर को किसी अल्पकालिक सोच के साथ नियुक्त नहीं किया है।

उन्होंने कहा, “बीसीसीआई चाहती है कि वह दो से चार साल के समय में सफल हों। इस अवधि में हर चीज़ हमेशा सही नहीं चलती। यह पूरी प्रक्रिया लंबी सोच पर आधारित होनी चाहिए। घरेलू क्रिकेट से खिलाड़ियों को मौके मिलेंगे और टेस्ट टीम में जगह बनाने के लिए कई स्लॉट खुले रहेंगे।”

गिल की गैरमौजूदगी का फायदा उठाया

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जीतने वाले कप्तान बावुमा ने यह भी याद किया कि किस तरह दक्षिण अफ्रीका ने ईडन गार्डन्स टेस्ट में भारतीय कप्तान शुभमन गिल की चोट का फायदा उठाकर सीरीज़ अपने नाम की थी। सीरीज़ के पहले टेस्ट की पहली पारी में गिल को गर्दन में चोट लगी थी, जिसके बाद वह गुवाहाटी में खेले गए दूसरे टेस्ट से बाहर हो गए थे।

बावुमा ने लिखा, “अब पीछे मुड़कर देखें तो लगता है कि हमने एक बड़े खिलाड़ी की गैरमौजूदगी का पूरा फायदा उठाया। गिल का बल्लेबाज़ी में योगदान न दे पाना हमारे पक्ष में गया। भारत को एक अस्थायी कप्तान ऋषभ पंत और नया नंबर चार बल्लेबाज़ उतारना पड़ा। गिल की वापसी के बाद हालात काफी हद तक संतुलित होंगे और भारत के लिए तस्वीर पूरी तरह निराशाजनक नहीं है।”

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