तीन बहनों की सुसाइड पर भावुक हुए सोनू सूद, बोले- ‘बच्चों को डांट नहीं, बातचीत चाहिए’

तीन बहनों की सुसाइड पर भावुक हुए सोनू सूद, बोले- ‘बच्चों को डांट नहीं, बातचीत चाहिए’

Sonu Sood Reacts On Ghaziabad Three Minor Sisters Suicide: गाजियाबाद में बुधवार तड़के सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यहां तीन नाबालिग बहनों ने अपने घर की नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक बहनों की उम्र 12, 14 और 16 साल बताई जा रही है।

इस दर्दनाक घटना के बाद समाज, अभिभावकों और प्रशासन के साथ-साथ फिल्म इंडस्ट्री से भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अभिनेता सोनू सूद ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग की है।

सोनू सूद ने अपनी प्रतिक्रिया दी (Sonu Sood Reacts On Ghaziabad Three Minor Sisters Suicide)

सोनू सूद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि गाजियाबाद में तीन मासूम बच्चियों ने अपनी जान गंवा दी। ये मौत न तो हिंसा की वजह से हुई और न ही गरीबी के कारण, बल्कि ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल लत के उस दबाव की वजह से हुई, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। अभिनेता ने कहा कि यह समय केवल शोक व्यक्त करने का नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई करने का है।

अभिनेता ने की भावुक अपील

अभिनेता ने अपनी पुरानी मांग दोहराते हुए कहा कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए, शिक्षा को छोड़कर, सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। सोनू सूद के मुताबिक, बचपन को सही मार्गदर्शन की जरूरत होती है, न कि एल्गोरिदम के हवाले छोड़ देने की। उन्होंने साफ कहा कि यह किसी पर दोषारोपण का मुद्दा नहीं है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा का सवाल है।

पुलिस जांच में क्या सामने आया?

पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें पिछले दो से तीन वर्षों से एक कोरियाई टास्क-आधारित ‘लव गेम’ की आदी थीं। इस गेम में खिलाड़ियों को अलग-अलग टास्क पूरे करने होते हैं, जिनमें कथित तौर पर अंतिम चुनौती के रूप में आत्महत्या से जुड़ा टास्क भी शामिल था। परिवार ने इस आदत पर आपत्ति जताई थी, लेकिन नाबालिग बच्चियां छुपकर यह गेम खेलती रहीं।

सहायक पुलिस आयुक्त अतुल कुमार सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि कोविड-19 महामारी के दौरान और उसके बाद ऑनलाइन गेमिंग की लत के कारण बच्चियों के व्यवहार, पढ़ाई और दिनचर्या में बड़ा बदलाव आया था। सबसे बड़ी बहन 16 साल की उम्र में भी चौथी कक्षा में पढ़ रही थी और तीनों का स्कूल जाना काफी कम हो गया था।

मामले ने छेड़ी गंभीर बहस

ये मामला एक बार फिर इस बात पर गंभीर बहस छेड़ता है कि बच्चों के हाथ में बिना निगरानी के स्मार्टफोन, सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। सोनू सूद ने अभिभावकों और प्रशासन से अपील की है कि ऐसी घटनाओं को सिर्फ खबर बनकर भूलने न दिया जाए, बल्कि समय रहते कड़े और प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और मासूम को अपनी जान न गंवानी पड़े।

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