धार जिले के जेतपुरा गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो बेटों ने अपनी 60 वर्षीय मां रामकन्याबाई को घर से निकाल दिया और उनकी संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया। न्यायालय के आदेश के बावजूद बेटों द्वारा भरण-पोषण न दिए जाने पर नौगांव पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। पीड़िता रामकन्याबाई पति बाबूलाल लोहार ने बताया कि उनके बेटे गोविंद और राधेश्याम ने उन्हें घर से बेदखल कर दिया। इसके बाद जेतपुरा और सादलपुर में स्थित उनके मकानों पर भी अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया। इस घटना के बाद वृद्ध मां बेघर हो गईं और उनके पास जीवन यापन का कोई साधन नहीं बचा। न्याय न मिलने पर रामकन्याबाई ने कानून का सहारा लिया। जिला विधिक सहायता प्राधिकरण के माध्यम से यह मामला एसडीएम कोर्ट पहुंचा। सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोनों बेटों गोविंद और राधेश्याम को आदेश दिया कि वे अपनी मां को हर माह 2500-2500 रुपए भरण-पोषण के रूप में दें। हालांकि, कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद बेटों ने एक भी माह भरण-पोषण की राशि जमा नहीं की। इस पर विधिक सहायता प्राधिकरण ने मामले को दोबारा कोर्ट के समक्ष रखा। एसडीएम कोर्ट ने इसे गंभीर अवहेलना मानते हुए नौगांव पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस जांच के बाद आरोपी बेटों गोविंद, राधेश्याम और परिवार की ही महिला देवकन्याबाई के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं तथा अभिभावक एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।


