सोनभद्र। अपनी पत्नी की गैर इरादतन हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार द्विवेदी की अदालत ने मंगलवार को एक पति को दोषी ठहराया। अदालत ने दोषी पति को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला करीब साढे चार वर्ष पुराना है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता के जीजा ने अनपरा थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि उनकी साली बुटाई देवी (करीब 55 वर्ष) की शादी महजू पुत्र स्व. बिहारी से हुई थी, जो उनके घर के पास ही बिछड़ी गांव, थाना अनपरा का निवासी है। 20 जून 2021 को शाम करीब 7 बजे, महजू का खाना बनाने को लेकर अपनी पत्नी बुटाई देवी से अचानक विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि महजू ने अपनी पत्नी के साथ मारपीट की, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गईं। जब इस घटना की जानकारी परिजनों को हुई, तो वे बुटाई देवी को इलाज के लिए अस्पताल ले गए। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही बुटाई देवी की मृत्यु हो गई थी। इस सूचना पर अनपरा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुना, गवाहों के बयान दर्ज किए और पत्रावली का अवलोकन किया। इसके बाद अदालत ने महजू उरांव को दोषी पाया और उसे 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर उसे 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।


