बैतूल। कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम सावंगा में गुरुवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक युवक ने अपने ही माता-पिता और छोटे भाई की निर्मम हत्या कर दी। आरोपी युवक ने पांच साल के भांजे को भी मारने का प्रयास किया, लेकिन मासूम ने खटिया के नीचे छिपकर अपनी जान बचा ली। घटना के बाद आरोपी शव के पास ही बैठा रहा और घर के दरवाजे भीतर और बाहर से बंद कर लिए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है। घटना स्थल का निरीक्षण करने फॉरेसिंक टीम और एसपी वीरेन्द्र जैन भी पहुंचे।
पुलिस के अनुसार आरोपी दीपक धुर्वे (25) ने अपने पिता राजू धुर्वे (55), मां कमलती धुर्वे (45) और छोटे भाई दिलीप धुर्वे (20) की लकड़ी और लोहे की रॉड से हमला कर बुधवार रात हत्या कर दी। गुरुवार दोपहर दिलीप का एक दोस्त उसे काम पर साथ ले जाने के लिए घर पहुंचा। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने पर भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो उसे शक हुआ। अंदर झांकने पर कुछ लोग पड़े दिखाई दिए। उसने तुरंत ग्रामीणों को बताया। पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर की घेराबंदी की। आरोपी ने दोनों दरवाजे अंदर और बाहर से बंद कर रखे थे और सामने वाले दरवाजे को वायर से बांध दिया था। हत्या करने के बाद दीपक शवों के पास ही बैठा रहा। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पूरे गांव में शोक और भय का माहौल है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पहले नाना को मारा
बताया जा रहा है कि घटना के समय खाना बनाने की तैयारी की जा रही थी। घर में सब्जी कटी हुई पड़ी थी। पांच वर्षीय भांजे प्रशांत परते ने बताया मामा ने सबसे पहले नाना को मारा,इसके बाद नानी कमलती और फिर बचाने पहुंचे छोटे मामा से मारपीट की। प्रशांत ने बताया मामा ने उसे भी मारने का प्रयास किया। मेरे मुंह पर पैर रखकर दबा दिया। भांजा जैसे-तैसे बचा। भांजे ने कपड़ों के बीच घटिया के नीचे छिपकर अपनी जान बचाई।
एसपी पहुंचे घटना स्थल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने भी घटना स्थल की जांच की। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। कोतवाली थाना प्रभारी देवकरण डेहरिया ने बताया कि आरोपी दीपक को हिरासत में ले लिया गया है और मामले की जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात सामने आई है।
आरोपी ने पुलिस को भी धमकाया
पुलिस ने किसी तरह दरवाजा खोलकर आरोपी को पकड़ लिया और हथकड़ी लगा दी। उसे हथकड़ी लगाकर वाहन में बैठाया गया। गिरफ्तारी के बाद भी वह धमकी देता रहा कि हाथ खोलकर देखो, फिर बताता हूं। आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
मृतक का बड़ा बेटा था दीपक
मृतक राजू धुर्वे मजदूरी करता था। उसके दो बेटे दीपक और दिलीप थे। एक बेटी है। बेटी सबसे बड़ी है,जिसकी शादी हो चुकी है। दीपक सबसे बड़ा था। दीपक का छोटा भाई दिलीप था। बहन का पांच वर्षीय बेटा गांव में रहकर पढ़ाई कर रहा था और घटना के समय घर में मौजूद था।
पुलिस भर्ती में शमिल हुआ था दीपक
बताया जा रहा है कि दीपक पढ़ाई-लिखाई में ठीक था और करीब एक वर्ष पहले पुलिस भर्ती में शामिल हुआ था, लेकिन चयन नहीं हो पाया। इसके बाद से उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी। परिवार के लोग उसका इलाज करा रहे थे। नागपुर में भी दिखाया गया था।
बेटे ने माता-पिता और भाई की हत्या की


