कटनी. झिंझरी स्थित पुलिस लाइन मैदान झिंझरी में आयोजित भारतीय सेना की अग्निवीर भर्ती रैली में रीवा जिला के 843 युवाओं का शारीरिक दक्षता परीक्षण (फिजिकल), मेडिकल जांच एवं दस्तावेज सत्यापन सफलतापूर्वक किया गया। भर्ती रैली में युवाओं का उत्साह और देश सेवा का जज्बा देखते ही बन रहा था। चयन की उम्मीद में युवा आधी रात से ही मैदान में पहुंचने लगे थे।
रविवार रात आयोजित इस चरण में केवल रीवा जिले के अभ्यर्थियों ने भाग लिया। युवाओं का फिजिकल टेस्ट, चिकित्सीय परीक्षण के साथ-साथ आवश्यक दस्तावेजों का गहन सत्यापन किया गया। उल्लेखनीय है कि कटनी में 24 फरवरी तक चलने वाली अग्निवीर भर्ती रैली के लिए 15 जिलों के कुल 5,374 युवाओं को आमंत्रित किया गया है, जिन्होंने सेना द्वारा आयोजित कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की है। सोमवार रात सतना जिले के युवा अग्निवीर बनने के लिए पहुंचे।
यहां से पहुंच रहे युवा
भर्ती कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार 17 फरवरी को सतना जिला के 783 युवा रैली में शामिल होकर अपने फिजिकल व मेडिकल टेस्ट कराएंगे। बुधवार 18 फरवरी को जबलपुर जिला, कटनी जिला, शहडोल जिला, उमरिया जिला और अनूपपुर जिला के कुल 785 युवा भाग लेंगे। गुरुवार 19 फरवरी को सभी जिलों के 730 युवा, शुक्रवार 20 फरवरी को 638 युवा तथा सोमवार 23 फरवरी को मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ की महिला अभ्यर्थी भर्ती रैली में शामिल होंगी, जिनका दस्तावेज सत्यापन के साथ फिजिकल एवं मेडिकल परीक्षण किया जाएगा।

इन पदों पर होगा चयन
अग्निवीर भर्ती रैली के माध्यम से सेना में जनरल ड्यूटी, टेक्निकल, क्लर्क एवं ट्रेड्समेन पदों के लिए चयन किया जाएगा। रैली में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए नवीन पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल से लिंक आधार नंबर सहित सभी आवश्यक दस्तावेज लाना अनिवार्य किया गया है।
अग्निवीर योजना के लाभ
अग्निवीर योजना के तहत युवाओं को चार वर्षों तक सेना में सेवा का अवसर मिलता है। इस अवधि के बाद अनुशासित प्रशिक्षण, अनुभव और कौशल के आधार पर उन्हें विभिन्न सरकारी व निजी क्षेत्रों में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकते हैं। रैली में पहुंचे युवाओं में चयन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया और हर चेहरे पर देश सेवा की भावना झलकती नजर आई।

सेना की वर्दी पहनना सपना नहीं संकल्प है…
अग्निवीर भर्ती रैली में शामिल युवाओं के चेहरों पर देशभक्ति का अनोखा जज्बा साफ नजर आया। आधी रात से झिंझरी मैदान पहुंचकर कतारों में खड़े युवा यह संदेश दे रहे थे कि राष्ट्र सेवा उनके लिए केवल नौकरी नहीं, बल्कि जीवन का लक्ष्य है। किसी ने कहा कि बचपन से तिरंगे को सलाम करने का सपना देखा है, तो किसी ने शहीदों की गाथाओं से प्रेरित होकर सेना में जाने का संकल्प लिया है। युवाओं का कहना है कि सेना में चयन होने पर वे न केवल अपने परिवार का नाम रोशन करेंगे, बल्कि देश की सीमाओं की रक्षा कर गौरव का अनुभव भी प्राप्त करेंगे। कठिन फिजिकल टेस्ट और मेडिकल जांच के बावजूद उनके उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। जय हिंद और भारत माता की जय के उद्घोष के साथ मैदान देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। यह भर्ती रैली साबित कर रही है कि आज का युवा अनुशासन, समर्पण और बलिदान के मार्ग पर चलकर देश सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है।


