लखनऊ में माटी कला बोर्ड कार्यशाला,कारीगरों को योजनाओं की जानकारी:प्रजापति समाज को लोन, सब्सिडी और प्रशिक्षण प्रक्रिया समझाई गई

लखनऊ में माटी कला बोर्ड कार्यशाला,कारीगरों को योजनाओं की जानकारी:प्रजापति समाज को लोन, सब्सिडी और प्रशिक्षण प्रक्रिया समझाई गई

राजधानी के केंद्रीय गांधी प्रतिष्ठान में सोमवार को उ.प्र. माटी कला बोर्ड द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला, सेमिनार एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रदेश भर से आए प्रजापति समाज और माटी कला से जुड़े कारीगरों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से माटी कला बोर्ड की योजनाओं, लोन प्रक्रिया और सब्सिडी से संबंधित जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने कारीगरों को बताया कि किस प्रकार वे बोर्ड के माध्यम से ऋण प्राप्त कर सकते हैं और उसके बाद सब्सिडी के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया क्या है। कारीगरों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर कार्यशाला में अधिकारियों ने कहा कि माटी कला से जुड़े कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसके तहत उन्हें आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें। साथ ही यह भी बताया गया कि कई बार सब्सिडी लेने में तकनीकी या दस्तावेजी दिक्कतें आती हैं, जिन्हें दूर करने के लिए विभाग द्वारा विशेष मार्गदर्शन दिया जा रहा है। सब्सिडी प्रक्रिया की दी गई विस्तृत जानकारी कार्यक्रम के दौरान कारीगरों को यह समझाया गया कि लोन लेने के बाद किस प्रकार ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से सब्सिडी के लिए आवेदन किया जाता है। अधिकारियों ने चरणबद्ध तरीके से पूरी प्रक्रिया बताई, ताकि कारीगरों को भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो। प्रदेश भर से पहुंचे कारीगर इस एक दिवसीय कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में प्रजापति समाज के लोग और माटी कला से जुड़े कारीगर शामिल हुए। उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सुझाव भी दिए। पुरस्कार वितरण और सम्मान समारोह कार्यक्रम के अंत में माटी कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कारीगरों को सम्मानित भी किया गया। इससे कारीगरों का उत्साह बढ़ा और उन्हें अपने काम को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली।

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