कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता भी जरूरी : गुंडूराव

कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता भी जरूरी : गुंडूराव

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडूराव Dinesh Gundu Rao ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए केवल कानून ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है।

वे राष्ट्रीय बालिका दिवस National Girl Child Day के अवसर पर शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लड़कियों को सम्मान और समान अधिकार देना हम सभी का कर्तव्य है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। हालांकि, अभी भी समाज में सकारात्मक बदलाव की आवश्यकता है।

1000 पुरुषों पर 947 महिलाएं

मंत्री ने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ठोस कदम उठाए हैं और कड़े कानून लागू किए गए हैं। वर्तमान में राज्य में लिंगानुपात 1000 पुरुषों पर 947 महिलाएं है। यदि इसमें सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में गंभीर सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि कई स्थानों पर महिलाएं भी इस कुप्रथा में शामिल पाई गई हैं।उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वतंत्र बनाने के लिए सरकार हरसंभव समर्थन दे रही है, ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सके।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों में छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों और सरकारी व अनुदानित स्कूल-कॉलेजों में पहली से 12वीं कक्षा तक पढऩे वाले बच्चों की मोबाइल हेल्थ टीमों के माध्यम से मुफ्त स्वास्थ्य जांच की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रेल से दिसंबर तक कुल 52,02,647 बालिकाओं की स्वास्थ्य जांच की गई है। ‘शुचि’ कार्यक्रम के अंतर्गत सरकारी और अनुदानित स्कूल-कॉलेजों की 6वीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं तथा विभिन्न विभागों के छात्रावासों में रहने वाली 19,64,507 बालिकाओं को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन पैड वितरित किए गए हैं।

इसके अलावा ‘मासिक कप योजना’ के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सरकारी व अनुदानित स्कूलों में पढऩे वाली 9,44,466 बालिकाओं को मासिक कप उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।

एक लाख से अधिक छात्राओं को एचपीवी वैक्सीन

मंत्री ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर का उन्मूलन सरकार की प्राथमिक योजनाओं में शामिल है। इस कैंसर के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग विशेष अभियान चला रहा है। इसके तहत कल्याण कर्नाटक क्षेत्र और आसपास के इलाकों में 14 वर्ष की आयु की एक लाख से अधिक छात्राओं को एचपीवी वैक्सीन दी जाएगी। इस योजना को जल्द ही पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।

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