इंदौर में दूषित पानी पीने से अब तक 14 की मौत, मंत्री से बोले लोग, अब क्या करने आए हो?

इंदौर में दूषित पानी पीने से अब तक 14 की मौत, मंत्री से बोले लोग, अब क्या करने आए हो?

मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने के बाद उल्टी-दस्त से मौतों की संख्या 14 हो गई। नए साल के पहले दिन एक और मौत हो गई। कुलकर्णी नगर निवासी अरविंद लिखार ने दूषित पानी पीया था। जिससे उसे उल्टी दस्त हुई और गुरुवार को अस्पताल में उसकी मौत हो गई। वहीं दूषित पानी पीकर बीमार हुए 300 के करीब मरीज शहर के अलग-अलग अस्तपालों में उपचार ले रहे हैं।

राज्य सरकार ने इस मामले में लापरवाही बरतने के लिए तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है और एक अधिकारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया। ज्ञात है कि मामले में गंभीरता दिखाते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव बुधवार को अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने यहां भर्ती मरीजों व उनके परिजन से हाल जाने। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

क्षेत्र के पानी में निकली गंदगी : सीएमएचओ

भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी सप्लाई हो रहा था। इसकी पुष्टि सीएमएचओ डॉ. माधव हासानी ने की है। कहा कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज से प्राप्त रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि क्षेत्र के पानी में गंदगी की मिलावट है।

मृतकों के परिजन ने किया मंत्री कैलाश का विरोध

मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा के बाद गुरुवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय स्कूटर पर समर्थकों और क्षेत्रीय नेताओं के साथ घर-घर चेक देने पहुंचे तो परिजन के उग्र विरोध का सामना करना पड़ा। परिजन ने साफ कहा कि हमें आपका चेक नहीं चाहिए। लोगों ने कहा कि उन्हें जरूरत साफ पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की हैं। लोगों ने पार्षद के रवैए को लेकर नाराजगी जताई।

कैलाश से बोले- अब क्या करने आए हो?

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को देख रहवासियों का गुस्सा भड़ गया। कहा कि अब क्या करने आए हो? कल तक तो हमें मिलने बुला रहे थे। अब लौट जाओ। हमें तुम्हारी जरूरत नहीं है। दूषित पानी के कारण छह माह के अव्यान की भी मौत हो गई, विजयवर्गीय उसके घर पहुंचे तो परिजन ने जमकर नाराजगी जाहिर की। विरोध के दौरान मंत्री समर्थकों ने कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों के कैमरे बंद कराने के प्रयास किए। इस दौरान अभद्रता के आरोप भी लगे।

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