खड़गपुर । मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ मोहम्मद अलाउद्दीन शनिवार को निलंबित अवस्था में ही सेवानिवृत्त हो गए। डॉ मोहम्मद अलाउद्दीन राज्य के चर्चित सलाइन कांड के मामले से जुड़े हुये है। हालांकि, उनकी सेवानिवृत्ति के साथ ही पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों को लेकर प्रशासनिक और कानूनी अनिश्चितता गहराती नजर आ रही है। जानकारी हो कि बीते वर्ष जनवरी माह में मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज में सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान रिंगर्स लैक्टेट सलाइन दिए जाने के बाद पांच प्रसूति महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इस घटना में एक महिला की मृत्यु हो गई थी। प्रारंभिक जांच में संक्रमण फैलने की आशंका जताई गई, जिसके बाद मामला राज्य स्तर पर सुर्खियों में आ गया था।घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अपनाया था। अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक जयंत कुमार राउत, डॉ मोहम्मद अलाउद्दीन समेत कुल 13 चिकित्सकों को निलंबित करने का आदेश दिया गया था। खड़गपुर । मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ मोहम्मद अलाउद्दीन शनिवार को निलंबित अवस्था में ही सेवानिवृत्त हो गए। डॉ मोहम्मद अलाउद्दीन राज्य के चर्चित सलाइन कांड के मामले से जुड़े हुये है। हालांकि, उनकी सेवानिवृत्ति के साथ ही पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों को लेकर प्रशासनिक और कानूनी अनिश्चितता गहराती नजर आ रही है। जानकारी हो कि बीते वर्ष जनवरी माह में मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज में सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान रिंगर्स लैक्टेट सलाइन दिए जाने के बाद पांच प्रसूति महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इस घटना में एक महिला की मृत्यु हो गई थी। प्रारंभिक जांच में संक्रमण फैलने की आशंका जताई गई, जिसके बाद मामला राज्य स्तर पर सुर्खियों में आ गया था।घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अपनाया था। अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक जयंत कुमार राउत, डॉ मोहम्मद अलाउद्दीन समेत कुल 13 चिकित्सकों को निलंबित करने का आदेश दिया गया था।


