पुणे शहर में रसोई गैस (LPG) की बढ़ती मांग और किल्लत के बीच अब हिंसा की खबरें सामने आने लगी हैं। कई इलाकों में गैस सिलेंडर की डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों के साथ मारपीट और बदसलूकी की घटनाएं हुई हैं। ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन, महाराष्ट्र (AILDF-MAH) के मुताबिक, इस हफ्ते एक डिलीवरी बॉय को उस वक्त थप्पड़ मारा गया, जब वह एक हाउसिंग सोसाइटी में पहले से बुक किए गए सिलेंडर की डिलीवरी करने गया था। बढ़ती मांग के कारण लोग इतने उग्र हो रहे हैं कि वे बिना बुकिंग के ही जबरन सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं।
एलपीजी डीलरों का कहना है कि गैस की मांग अचानक बढ़ने और लोगों को गैस नहीं मिलने के कारण कई जगहों पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई है।
सोसायटी में डिलीवरी के दौरान मारा थप्पड़
फेडरेशन (AILDF-MAH) के एक सदस्य ने बताया कि इस सप्ताह एक डिलीवरी कर्मचारी को तब थप्पड़ मार दिया गया, जब वह एक हाउसिंग सोसायटी में पहले से बुक किए गए सिलेंडर देने गया था।
उन्होंने बताया कि एजेंसियों ने सिलेंडर चोरी रोकने के लिए कर्मचारियों को वाहन लॉक करके डिलीवरी करने के निर्देश दिए हैं। डिलीवरी बॉय जब सिलेंडर देकर नीचे लौटा तो वहां 10-12 लोग खड़े थे और उससे सिलेंडर देने की मांग करने लगे।
जब उसने बताया कि सिलेंडर पहले से बुक हैं, तो कुछ लोग आक्रामक हो गए और उससे बहस करते हुए थप्पड़ मार दिया। डिलीवरी बॉय ने तुरंत एजेंसी को फोन किया, लेकिन मैनेजर के मौके पर पहुंचने तक हमलावर वहां से जा चुके थे।
डिलीवरी कर्मचारी पर हमला, धमकाया
एक अन्य एलपीजी डीलर के मुताबिक पुणे के जांभुलवाड़ी-दत्ता नगर इलाके में एक डिलीवरी बॉय को लोगों ने घेर लिया और पीछे से किसी ने उसकी गर्दन के पास वार कर दिया। लोग उसे चिल्ला रहे थे और धमकी दे रहे थे। हमलावर की पहचान नहीं हो पाने के कारण इस मामले में पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई।
बिना बुकिंग के भी सिलेंडर मांग रहे लोग
एलपीजी डीलरों का कहना है कि कई इलाकों में लोग बिना बुकिंग के ही डिलीवरी वाहनों को रोककर सिलेंडर मांग रहे हैं। इससे डिलीवरी कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एक डिस्ट्रीब्यूटर ने बताया कि कई बार भीड़ डिलीवरी बॉय को घेर लेती है और बहस शुरू कर देती है, जिससे तय समय पर सिलेंडर पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। इसी अफरा-तफरी के बीच सिलेंडर चोरी होने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।
सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
डीलरों के अनुसार डिलीवरी के दौरान कर्मचारियों के पास अक्सर हजारों रुपये का कैश भी होता है। ऐसे में बड़ी भीड़ के बीच काम करना उनके लिए सुरक्षा का बड़ा खतरा बन गया है। कई डिलीवरी बॉय अब कुछ इलाकों में अकेले जाने से भी हिचकिचाने लगे हैं।
पुलिस बोली- संकट की स्थिति में हमें संपर्क करें
डिस्ट्रीब्यूटर्स की शिकायतों के बाद अब पुलिस भी सक्रिय हो गई है। बताया गया है कि गृह विभाग ने स्थानीय पुलिस स्टेशनों को गैस एजेंसियों के संपर्क में रहने के निर्देश दिए हैं। अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने एजेंसियों के साथ समन्वय शुरू कर दिया है। आपातकालीन संपर्क नंबर दिए गए हैं ताकि डिलीवरी के दौरान किसी भी संकट की स्थिति में पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच सके।


